आईरा के बैनर तले पत्रकारों ने फूंका बांका डीएम का पुतला,लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को कुचलने का प्रयास !

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मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : बांका डीएम के तानाशाही के खिलाफ मीडिया कर्मी पर बेबुनियाद आरोप लगाकर पत्रकारिता को बदनाम करने के खिलाफ आज मधेपुरा में पत्रकारों ने डीएम का पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का आयोजन कालेज चौक मधेपुरा में किया किया । कार्यक्रम का आयोजन ऑल इंडिया रिपोर्टर एसोसिएशन मधेपुरा के बैनर तले हुआ।koshixpress

पत्रकारों ने कहा कि बांका के जिला पदाधिकारी डॉ नीलेश देवरे ने हिंदुस्तान के पत्रकार सत्यप्रकाश जी के विरोध में जो आदेश निकाला है। उससे स्पष्ट है कि उनमे गंभीरता का अभाव है। साथ ही उनको अनुभव की भी घोर कमी है। इस आदेश से ये भी जाहिर होता है कि वे दिमाग के भी हलके हैं। कोई भी पत्रकार अगर किसी अधिकारी के विरोध में खबर लिखता है तो उसपर सीधा रुपया मांगने का आरोप लगा दिया जाता है। लेकिन खबरों की जांच नहीं की जाती है। मीडिया को सीमा रेखा में बंधने वाले पदाधिकारी को यह पता नहीं है कि हमारे देश में मीडिया को अपने सीमा का पता है। यही नहीं देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी मीडिया को अपनी सीमा रेखा खुद तय करने के लिए कहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि बांका के जिला पदाधिकारी अपने भ्रष्ट आचरण को छुपाने के लिए ऐसा आदेश निकाल रहे हैं। आदेश निकालने से पहले उनको यह भी पता कर लेना चाहिए था कि पत्रकार सरकारी मुलाजिम नहीं होने के कारण उनके द्वारा ऐसा पत्र नहीं निर्गत किया जा सकता है।koshixpress

पत्रकारों ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को कुचलना चाहते हैं

बांका के डी एम बांका के डीएम लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन पत्रकार ऐसा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकार तो हर तरह की खबर लिखते हैं। लेकिन जब प्रसाशनिक कुव्य्वस्था के खिलाफ खबर हो तो डीएम को उसे दूर करना चाहिए, सम्बंधित विभाग या अधिकारी पर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन बांका के एक पत्रकार ने प्रशासन के खिलाफ खबर लिखी तो वहां के डीएम उसी के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश अधिकारियों को देते हैं।koshixpress

क्या है मामला

डीएम श्री देवरे के खिलाफ डॉक्टरों के आंदोलन और उनके बॉडीगार्ड द्वारा के महिला को धक्के देकर बाहर कर देने सम्बंधित खवर एक दैनिक अखबार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी को लेकर डीएम श्री देवरे ने एक विभागीय पत्र जारी कर सभी अधिकारियों को निर्देश दिया था कि सम्बंधित पत्रकार को किसी भी ऑफिस में प्रवेश नहीं करने दिया जाये। अगर पत्रकार जबरन प्रवेश करते हैं तो उन पर केस करना सुनिश्चित करें। यही नहीं उस पत्रकार पर एक स्कूल से राशि उगाही का आरोप भी डीएम ने लगाया था।

कार्यक्रम में आइरा के जिला अध्यक्ष रजनीश सिंह, महासचिव डॉ आई सी भगत, वरीय पत्रकार पृथ्वीराज यदुवंसी, तुरबसु, राजीव रंजन सिंह, छात्र नेता राहुल यादव, भाजपा नेता अंकेश कुमार, युवा नेता हर्ष सिंधु, जटाशंकर आदि ने भाग लिया।