दुर्गा सप्तशती के श्लोक से पूरा वातवरण भक्तिमय !

2004
फुलौत दुर्गा मन्दिर

मधेपुरा  (संजय कुमार सुमन) : दुर्गा श्लोक से शहर गुंजायमान हो उठा। कलश स्थापन के साथ ही शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरु हो गया।मंदिरों,पूजा स्थलों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है।मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापन के साथ ही दुर्गा सप्तशती के श्लोक से पूरा वातवरण भक्तिमय हो गया है। चौसा प्रखंड मुख्यालय,लौआलगान, फुलौत,कलासन,अरजपुर भिट्ता समेत जिले के सभी दुर्गा मंदिरों में विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की जा रही है ।संध्या के समय आरती में श्रद्धालुंओ की भीड़ लगी रहती है ।

चौसा दुर्गा मन्दिर
चौसा दुर्गा मन्दिर

पंचनारायण भगत कॉंप्लेक्स में गायत्री परिवार द्वारा शारदीय नवरात्र पर कलश स्थापित कर पूजन आराधना किया गया। पूर्व जिला संयोजक गोपाल साह ने कहा कि दुर्गा संगठन शक्ति की प्रतीक है। सभी देवी देवताओं ने अपनी शक्ति देकर दुर्गा शक्ति का निर्माण किया।जिस शक्ति के आधार पर माँ दुर्गा ने असुरों का संहार किया।उन्होने कलश स्थापना के संबन्ध में बताया कि हम सभी समाज,परिवार और संगठन में सहयोग के साथ रह सकें।जिस प्रकार कोई जीवात्मा माँ के गर्भ में रह कर बढ़ता और माँ का संस्कार ग्रहण करता है उसी प्रकार हम सभी नौ दिनों तक नवरात्र आराधना के द्वारा अपनी ऊर्जा का संगठन कर सकते हैं।

प्रखंड मुख्यालय स्थित आस्था का प्रतीक मा दुर्गा मंदिर स्थापना काल से ही मनोकामना सिद्ध करने वाली शक्तिपीठ के रुप में विख्यात है। दुर्गा मंदिर में यूं तो प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। दशहरा के पावन मौके पर सुबह शाम श्रद्धालुओं की भीड़ दिन प्रति दिन बढ़ती ही जा रही है। दुर्गापूजा को लेकर क्षेत्र में भक्ति भाव के साथ शक्ति की उपासना की जा रही है। पूरे क्षेत्र में उत्साह एवं उमंग का माहौल कायम है।

दुर्गा मन्दिर में निर्मित प्रतिमा
  दुर्गा मन्दिर में निर्मित प्रतिमा

प्रखंड मुख्यालय चौसा स्थित दुर्गा मंदिर में मा दुर्गा के वैष्णवी के रुप में दसों भुजा की पूजा बड़े ही भव्य तरीके से होती है। यहां श्रद्धालु जो भी मनोकामना लेकर मां के दरबार में माथा टेकते हैं। माता उनकी मनोकामना अवश्य पूरी करती है। मा दुर्गा कमेटी के सदस्यों के मेहनत का ही फल है कि प्रत्येक साल मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया संवारा जाता है। प्रतिवर्ष यहा लाखों की तादाद में श्रद्धालु पूजा के लिए आते हैं।

मंदिर के स्थापना के संदर्भ में कमेटी के अध्यक्ष अनिल मुनका, सचिव सूर्यकुमार पटवे, कोषाध्यक्ष पुरूषोतम राम बताते हैं कि वैष्णवी दुर्गा मंदिर की स्थापना 1962 में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश्वर सिंह के पहल पर लक्खी राम, सूरजमल राम, हरि पटवे, पंचानंद भगत, अविनाशचंद्र यादव,सुखदेव यादव के अथक प्रयास से किया गया। चौसा में दुर्गा मंदिर स्थापना करने का आह्वान किया। तत्कालीन बीडीओ के पहल पर ही 1962 में स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक दुर्गा मंदिर की स्थापना की और तब से आज तक चौसा में नियमित रुप से पाच दिवसीय मेला लगाया जाता है।