दुर्गा सप्तशती के श्लोक से पूरा वातवरण भक्तिमय,वर्ष 1988 से हो रही पूजा !

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दुर्गा सप्तमी का पाठ करते भक्त

शहंशाह कैफ : मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत फुलौत में दुर्गा श्लोक से गाँव गुंजायमान हो उठा। कलश स्थापन के साथ ही शारदीय नवरात्र शनिवार से शुरु हो गया।मंदिरों,पूजा स्थलों में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। सर्व मंगलम मांगल्ये शिवे सर्वर्धा साधिके ।

फुलौत का दुर्गा मन्दिर
फुलौत का दुर्गा मन्दिर

मंत्रोच्चार से गूंजरहा इलाका 

शरण्ये त्रयम्ब्के गोरी नारायणी नमो स्तुथे।। मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापन के साथ ही दुर्गा सप्तशती के श्लोक से पूरा वातवरण भक्तिमय हो गया है। इस मंदिर का निर्माण बिरंची लाल मोदी के द्वारा सन् 1988 में किया गया था। 5 वर्ष संघर्ष के बाद वैष्णवी दुर्गा की स्थापना हुई।उसी दिन के बाद से विद्वान पंडितों के द्वारा पूजा पाठ होता रहा, विशेषकर इस समय में अधिक से अधिक पंडितों को बुलाकर पूजा पाठ कराया जाता है। इस दशहरा के मौके पर मेले का भी आयोजन किया जाता है जिस में सांस्कृतिक कार्यक्रम साथ ही साथ जागरण कार्यक्रम बड़े धूमधाम से मनाया जाता है।

फुलौत के माँ ज्वालामुखी मन्दिर में भी श्रद्धालुंओ की भीड़ देखी जा रही है ।इस मन्दिर का निर्माण करीब तीन सौ साल पूर्व किया गया था। भगवती माँ हर प्रकार के दर्द,दुख को दूर करने के लिये प्रचलित है ।लोगों का मानना है कि जो भी भक्त सच्चे मन से इसकी पूजा करते हैं ।उनकी हर एक मनोकामना पूर्ण होती है।