वर्षों से बदहाल बस पड़ाव,कमाई लाखों की,मेंन्टेनेंस शून्य !

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मुकेश कुमार मिश्र : बिहार में बस पड़ाव की अमूमन हर जगह खस्ता हाल देखने को मिला है |खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत सियादपुर अगुवानी पंचायत अंतर्गत अगुवानी बस स्टैंण्ड अपनी बदहाली व उपेक्षा पर आठ आठ आँसू बहाने को विवश है।इस बस पड़ाव पर अब वाहन मालिक अपने वाहनों को खड़ा करने के लिये रोज झंझट सहने को मजबूर हैं।लाखों रुपये प्रतिवर्ष राजस्व देने वाला यह बस पड़ाव मेन्टनेंस के लिये उद्धारक की बाट जोह रहा है।

अतिक्रमित है बस पड़ाव

अगुवानी बस पड़ाव विगत कुछ वर्षों से बुरी तरह से अतिक्रमण का शिकार हो गया है।बस स्टैंण्ड के अधिकांश हिस्से पर अवैध रुप से झोंपड़ी आदि बनाकर कब्जा कर लिया गया है। इसमें छोटे मोटे व्यवसाय किया जाता है।इसके अलावा भविष्य में अगुवानी घाट में गंगा नदी पर पुल निर्माण पूर्ण हो जाने की स्थिति में इस बस पड़ाव के जमीन पर स्थायी रूप से दखल करने की मंशा से भी कुछ लोगों ने अभी से ही झोंपड़ी आदि बनाकर छोड़ रखा है।koshixpress

स्थायी रूप से रहता है जल जमाव

अगुवानी बस स्टेंण्ड के आधे हिस्से पर स्थायी रूप से जलजमाव रहता है।इस जलजमाव को दूर करने के लिये न तो प्रशासन की तरफ से कोई प्रयास किया जाता है,न ही अगुवानी बस स्टेंण्ड विकास समिति की ओर से कोई पहल होती है।

90 में बना था विकास समिति

अगुवानी में स्थित बस पड़ाव को वृहद रुप देने की कवायद 1988 में तब की गयी जब रविनंदन सहाय यहाँ के प्रखंड विकास पदाधिकारी के रुप में पदस्थापित थे।इसके विकास के लिये अगुवानी बस स्टैंण्ड विकास समिति का गठन किया गया।इस समिति में खगड़िया के जिला पदाधिकारी को पदेन अध्यक्ष,गोगरी के एस डी ओ को पदेन सचिव तथा परबत्ता के बी डी ओ को कोषाध्यक्ष बनाया गया।इस समिति के द्वारा प्रतिवर्ष बस स्टैंण्ड का डाक कराया जाने लगा तथा डाक की राशि समिति के खाते में जमा होने लगी।

लाखों की वसूली लेकिन मेन्टनेंस शून्य

अगुवानी बस स्टैंण्ड विकास समिति में राशि जमा भी होती रही और निकलती भी रही लेकिन इस राशि को बस स्टैंण्ड के विकास या मेंन्टेनेंस मद में खर्च होते किसी ने नहीं देखा।शुरुआती दिनों के बाद इस राशि का दुरुपयोग होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।सूचना का अधिकार के तहत गोगरी के अनुमंडल पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये पत्रांक 83 दिनांक 09 जनवरी 14 के अनुसार वर्ष 2011 में इस खाते में लगभग 85 हजार रुपये शेष थे।इस खाते के हिसाब में कई गड़बड़ियाँ स्पष्ट दिखायी देती है।koshixpress

पड़ाव बस का,पर वाहन बेदखल

विगत कुछ वर्षों से अब स्थिति यह है कि बस पड़ाव से बसों को ही बेदखल किया जा रहा है।वहीं टूटे व बंद चापानल,वर्षों से अनुपयोगी एक दर्जन शौचालय,जर्जर धर्मशाला आदि इसके विकास के लिये बनाये गये समिति के खाते के लूट खसोट की गवाही देते हैं।

अभी भी होती है वसूली

अगुवानी बस स्टैंण्ड के शुल्क की वसूली अभी भी हो रही है।परंतु विगत एक दशक से यह वसूली परबत्ता प्रखंड कार्यालय के ठीक सामने होने लगा है।दरअसल भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के चालू होने के बाद अधिकांश सवारी गाड़ियाँ परबत्ता से ही चलना शुरु हो गयी थी।प्रशासन ने वसूली कम होने के कारण यह वसूली परबत्ता में ही करना शुरु कर दिया। इससे वसूली तो बढ गयी,लेकिन बस पड़ाव के स्थिति में कोई अंतर नहीं आया।सियादतपुर अगुवानी पंचायत के मुखिया सिन्टु राय ने बी डी ओ डॉ कुंदन को आवेदन देकर अतिक्रमण हटाने,प्रकाश की व्यवस्था करने,साफ सफाई,शौचालय,चापानल की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।