सुख-समृद्धि वैभव और मंगलकामनाओं का प्रतीक हैं कलश,एक को कलश स्थापित,जाने शुभ मुहूर्त !

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मुकेश कुमार मिश्र : शारदीय नवरात्रा एक अक्तूबर से प्रारम्भ हो रही हैं। भक्तजनों का उत्साह  चरम पर हैं। घर-घर में शारदीय नवरात्रा की तैयारियों अंतिम दौर पर हैं। मूर्ति  कलाकार माँ दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। इस बार नवरात्रा दस दिनों की होगी।

 एक अक्तूबर को कलश स्थापना,शुभ मुहूर्त दोपहर 11:35 से 12: 23 तक 

खगड़िया जिले के खजरैठा गांव निवासी डा० प्राण मोहन कुंवर एवं संसार पुर गांव निवासी पंडित अजय कांत ठाकुर ने बताया कि धर्मशास्त्रों के अनुसार कलश को सुख – समृद्धि वैभव और मंगलकामनाओं का प्रतीक माना गया है। कलश के मुख में विष्णुजी का निवास, कंठ में रुद्र तथा मूल में ब्रह्मा स्थित हैं।ओर कलश के मध्य में देवीय मातृशक्तियों निवास करती हैं। इसलिए पूजा पाठ आदि अनुष्ठानों में कलश पूजा का एक विशेष महत्व है। शारदीय नवरात्रा में माँ दुर्गा का अह्वान कलश स्थापना के साथ किया जाता हैं। पंडित गण बताते हैं कि शारदीय नवरात्रा एक अक्तूबर से प्रारम्भ हो रही हैं। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त दोपहर 11:35 से 12:23 तक है। इसी बीच में कलश स्थापना के साथ संकल्प का कार्य किया जाएगा। कलश स्थापना अभिजित मुहूर्त एवं हस्त नक्षत्र में होगी। जो सर्वार्थ सिद्धि मंगलकारी हैं।

अभिजित मुहूर्त  एवं हस्त नक्षत्र में होगी कलश स्थापना

माँ दुर्गा का आगमन अश्व पर हो रही हैं ओर प्रस्थान मुर्गा पर हैं।  शारदीय नवरात्रा घर घर में लोग मनाते हैं। कई भक्त गण अपने घरों में कलश स्थापित कर शारदीय नवरात्रा पूजा विधि विधान तरीके से करते हैं। माँ दुर्गा की नौ रूपों की पूजा एक अक्तूबर से दस अक्तूबर तक होगी। एवं ग्यारह को विजयादशमी हैं। जिले के सभी दुर्गा मंदिरों में शारदीय नवरात्रा को लेकर  काफी चहल पहल देखीं जा रही हैं। मंदिरों को आकर्षक रोशनी से चकाचौंध करने के लिये स्थानीय लोग लगे हुए हैं। एक से ग्यारह अक्तूबर तक माँ दुर्गा की पूजा से माहौल भक्ति मय हो जाएगा।