दो दिवसीय कार्यशाला शुरू,बच्चों द्वारा भारत का भिखारी नाटक प्रस्तुत किया गया !

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नाटक मंचन करते बाल कलाकार

संजय कुमार सुमन : भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्द्धन एवं उत्थान हेतु” संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एवं विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान द्वारा स्वामी विवेकानन्द सरस्वती शिशु मंदिर बलाहा,नारायणपुर के नवगछिया मे दो दिवसीय कार्यशाला 28 सितम्बर से प्रारंभ किया गया।

उद्घाटन करते बीडीओ
उद्घाटन करते बीडीओ

नवगछिया प्रशासनिक जिला के प्रतिष्ठित 20 विद्यालय से लगभग 500 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सत्येन्द्र सिंह (प्रखण्ड विकास पदाधिकारी ( नारायणपुर) , मुख्य वक्ता मदन प्र. मिश्र (पूर्व प्राचार्य जयप्रकाश महाविद्यालय, नारायणपुर) एवं विशिष्ट अतिथि मा. विपिन कुमार (प्रभारी प्राचार्य , जवाहर नवोदय विद्यालय,नगरपारा) द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ. मार्गदर्शक कि भूमिका मे दिनेश यादव, जिला संयोजक सह प्रधानाचार्य शिव शंकर प्रसाद सिन्हा जी थे|

नाटक प्रस्तुत करते बच्चे
 नाटक प्रस्तुत करते बच्चे

मुख्य अतिथि प्रखंड विकास पदाधिकारी सत्येन्द्र सिंह जी द्वारा वर्तमान डिजिटल युग मे कम्प्यूटर शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला. उन्होंने नैतिक शिक्षा पर बल देते हुए उपस्थित प्रतिभागियों से भारतीय सभ्यता संस्कृति को अक्षुण्ण बनाने कि अपिल की. अति विशिष्ट अतिथि मदन प्र. मिश्र (पूर्व प्राचार्य जयप्रकाश महाविद्यालय, नारायणपुर) द्वारा कहा गया कि छात्र देश के भावी नागरिक हैं,अतः उनमें राष्ट्रभक्ति भावना,महापुरुषों के प्रति श्रद्धा जागृत करने हेतु भारतीय संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं उत्थान कि अति आवश्यकता है। बीज भाषण के बाद सभी आमंत्रित अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया. भजन गायक हिमांशु उर्फ दीपक जी,संजय जी एवं आकाशवाणी कलाकार भागलपुर द्वारा भजनों की प्रस्तुति ने सभी श्रोताओं का मन मोह लिया।

उद्घोषक की भूमिका पूर्व छात्रा अंजली ने निभायी. प्रथम दिवस मे मुख्यतः 4 सत्र हुए,जिसमे प्रदर्शन कला (संगीत, नाटक,नृत्य), दृश्य कला(हस्तकला,चित्रकला,मूर्तिकला) एवं साहित्यिक विधा ( कथा कथन, निबंध, कविता) का प्रशिक्षण दिया गया. अंत मे विद्यालय के बच्चों द्वारा “भारत का भिखारी” नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमे भिखारी का किरदार विशाल, लोभी पिता का शुभम, देशभक्त पुत्र का किरदार श्रजेश ने निभाया. नाटक का निर्देशन आचार्य चक्रधर व साजसज्जा मणिकांत आचार्य द्वारा किया गया |