धर्म के सभी सिद्धांतों या दर्शनों का आधार साधना है – आचार्य उमा साहेब !

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संजय कुमार सुमन : धर्म के सभी सिद्धांतों या दर्शनों का आधार साधना है। सारी समस्याओं का समाधान श्रम एवं साधना में है। लोग अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए दूसरे लोगों पर आरोप मढ़ते हैं। उक्त बातें नेपाल से आये आचार्य उमा साहेब जी ने कही। वे मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड अन्तर्गत नरधू टोला कबीर आश्रम में आयोजित कबीर महोत्सव को सम्बोधित कर रहे थे।koshixpress

कार्यक्रम में स्वरुपलीन सद्गुरु अभिलाष साहेब जी का पंचम श्रद्धाजलि सभा का भी आयोजन किया गया।

मौके पर श्रद्धालुओ ने अभिलाष साहब के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा करते हुए उनके बताये मार्गों पर चलने का संकल्प लिया। संत अभय साहेब ने कहा कि हमारे सामाजिक जीवन में धर्म की जड़ें गहरी है। लेकिन यह गहराई तप एवं त्याग के कारण ज्ञान, भक्ति एवं वैराग्य के कारण है। धर्म के सैद्धांतिक व दार्शनिक आयाम में हमारे अपने, हम सभी कहा हमें हमेशा कबीर के वचनों को आत्मसात करना चाहिए। जिससे की आत्मा शुद्ध हो। समारोह को महेश्वर दास,यदुनंदन दास,मदन दास,सुधा दासिन,फूला दासिन,संत विज्ञानस्वरुप साहेब आदि ने सम्बोधित किया। इस दौरान भारी संख्या में अनुयायी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमोद दास ने की।मौके पर विनोद दास और राजेन्द्र प्रसाद जायसवाल द्वारा भंडारा का आयोजन किया गया। व्यवस्थापक के रुप में आशीष कुमार,विनीता,शांति,खुशी को देखा गया।