बरियारी नदी में डूबने से 8 वर्षीय बच्चे की मौत,बार-बार होता है हादसा !

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विलाप करते परिजन

संजय कुमार सुमन : बिहार के मधेपुरा में एक बच्चे की डूबने से मौत हो गई |घटना चौसा प्रखंड अन्तर्गत फुलौत के बरियारी नदी में 8 वर्षीय गौरव कुमार की डूबने से मौत हो गयी है। मौत उस समय हुई जब वह शौच करने नदी किनारे गया था। बताया जाता है कि आज गुरुवार को दिन के 11 बजे फुलौत पश्चिमी पंचायत के वार्ड नंबर नौ निवासी शंकर चौधरी का पुत्र गौरव कुमार शौच करने के लिए नदी के किनारे गया था।शौच के क्रम में पैर फिसलने से वह नदी के गहरे पानी में चला गया. बच्चों द्वारा हो हल्ला करने पर ग्रामीणों द्वारा उसको निकाला गया। तब तक गौरव की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना थानाध्यक्ष को दी. घटना की सूचना पर थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मधेपुरा भेज दिया।koshixpress

पाँव फिसलने से हुई मौत ,बार-बार होता है हादसा 

मालूम हो कि फुलौत कोसी नदी के बीच में अवस्थित है। गांव में प्रवेश करने के लिये एन एच 106 डाक बंगला फुलौत चौक से एक मात्र पुल है । प्रत्येक साल आने वाली बाढ़ से फुलौत में बड़े पैमाने पर जान माल की क्षति होती है ।कभी शौचालय जाने पर या फिर घास लाने पर ।एक सप्ताह पूर्व ही घास लाने गये महिलाओ और बच्चों की नाव डूब गई थी जिसमें एक लड़की अरुहली कुमारी की मौत हो गई थी।इसके पांच साल पहले नाव से शौचालय जा रहे पांच लोगों की मौत हो गई थी ।सभी मृतक एक शादी में बाराती के रुप में आये थे ।लगातर हो रही मौत के कारण पर अब तक किसी प्रशासन या फिर जनप्रतिनिधियों की आँखे नही खुल पाई।लिहाजा फुलौत के लोग कोसी मैया के रहमोकरम पर जीवन व्यतीत कर रहें है ।प्रत्येक साल होने वाली मौत से शव को प्रशासन पोस्टमार्टम करा कर घटना अपने कर्तव्य को पूरा कर लेती है और सरकार द्वारा मृतक के परिजनों को सहायता राशि मिल जाती है ।जिससे वे अपने खोये परिजनों को दर्द हल्का कर लेते है ।आखिर कब तक फुलौत के लोग पानी में डूब कर अपनी जान देते रहेंगे ।यह एक यक्ष सवाल है। लोग अपनी नियति समझ कर चुप है और प्रशासन अपना कर्तव्य समझ रहें है । बहरहाल जो भी लोग मृतक के घर मातमी सन्नाटा पसरा है ।