पूर्व सांसद आनंद मोहन की तन्हाई में संग जी लेता हूँ….. सहित 12 गीत और गजल संग्रह जल्द ही बाजारों में !

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एक जमाने में उत्तरी बिहार के कोसी क्षेत्र के बेताज बादशाह रहे पूर्व सांसद आनंद मोहन का सबसे ताजा शौक है सलाखों के पीछे कविताएं लिखना. कैद में आजाद कलम एवं स्वाधीन अभिव्यक्ति शीर्षक से दो  काव्य संग्रह लिख चुके आनंद मोहन को इस बात का एहसास हो गया है कि कलम हमेशा बंदूक से ज्‍यादा ताकतवर होती है. गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के लिए लोगों को भड़काने और बढ़ावा देने के लिए पटना हाइकोर्ट ने बिहार के इस पूर्व सांसद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और 10 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को बरकरार रखा है | पूर्व सांसद आनंद मोहन फिलवक्त सहरसा मंडल कारा में बंद है |

http://soundcloud.com/user-943849748/former-mp-anand-mohan-composed-ghazal

12 गीतों और गजल संग्रह का ओडियो सेट जल्द ही 

राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित कैद में आज़ाद कलम आयर स्वाधीन अभिव्यक्ति के चुनिंदा 12 गीतों और गजलों का ओडियो (गीत) सेट आगामी 19 जनवरी 2017 को वीर सिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर पटना के मिरर हाई स्कूल में आहूत न्याय मार्च में रिलीज किया जायेगा |12 गीतों और गजलों में से एक तन्हाई में संग जी लेता हूँ बाते कर लेता हूँ……….को अपनी सुरीली आवाज दिए है भागलपुर के उभरते हुए युवा गजल गायक सैयद ताशिर हुसैन ने | यहाँ बताना लाजमी है की अन्य गायकों ने भी अपनी आवाज दिया है पूर्व सांसद के लिखे गीतों और गजलों को |

पुस्तक विमोचन सहित ओडियो रिलीज में जुटेंगे देश-प्रदेश के दिग्गज 

जनवरी में आयोजित न्याय मार्च में पूर्व सांसद आनंद मोहन के करीब 1 लाख समर्थक उनकी सम्मानजनक रिहाई की मांग के साथ देश सहित प्रदेश के कौने-कौने से पटना में जुटेंगे |ठीक उसी दिन पूर्व सांसद आनंद मोहन की दो पुस्तक गुमनाम नहीं मरूँगा (काव्य संग्रह)और काल कोठरी से जेल से का भी विमोचन किया जायेगा |इस अवसर पर देश-प्रदेश के चर्चित जानेमाने कवि,साहित्यकार,शायर,गजल कार,राजनेता सहित अन्य भी जुटेंगे और उनके द्वारा ओडियो सेट एवं पुस्तकों का विमोचन किया जायेगा |