बाढ़ पीड़ितों ने पदाधिकारी को उनके ही कार्यालय में घन्टो बंधक बना कर बवाल काटा !

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बीडीओ को घेरते आक्रोशित लोग

संजय कुमार सुमन : बिहार के मधेपुरा में बाढ़ पीडितो ने धरना प्रदर्शन किया |जिले के चौसा प्रखंड अन्तर्गत चिरौरी पंचायत के सैकड़ो बाढ़ पीड़ितो ने बाढ़ राहत वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरते जाने और हरेक परिवार को अब तक शौचालय योजना का लाभ नहीं मिलने को कर धरना प्रदर्शन किया और पदाधिकारी को उनके ही  कार्यालय में घन्टो बंधक बना कर बवाल काटा।

प्रखंड कार्यालय परिसर में हंगामा करते बाढ़ पीडित
प्रखंड कार्यालय परिसर में हंगामा करते बाढ़ पीडित

क्या है मामला 

मालूम हो कि चौसा प्रखंड के कई पंचायात बाढ़ से पूर्णतः प्रभावित है। नियमा नुसार सभी बाढ़ पीड़ितो को सरकारी लाभ के तहत राशन का पैकेट दिया जाता है। अंचल प्रशासन द्वारा राहत वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई।जो सूची बनाया गया उसमें कई वाजिब पीड़ितो का नाम नहीं शामिल किया गया। आक्रोशित लोगों ने अपनी मांग को लेकर आज मंगलवार को सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष बाढ़ पीड़ितो ने प्रखण्ड कार्यालय चौसा पहुंच कर धरना प्रदर्शन करते हुऐ हो हंगामा किया।

बीडीओ को घेरते आक्रोशित लोग
बीडीओ को घेरते आक्रोशित लोग

बंधक बने अधिकारी 

इतना ही नहीं अंचलाधिकारी अजय कुमार और प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा को उनके ही कार्यालय में बंधक बनाकर सरकारी कार्य को बाधित कर दिया। बाढ़ पीड़ितो की मांग थी जब तक कोई आलाधिकारी नहीं आ जाते और हमारी मांगो को पूरी नही करते तब तक हम इसी तरह डटे रहेंगे। ग्रामीणोंने ने कहा की चिरौरी पंचायत से कुल 28 सौ परिवारों की सूची भेजी गई थी। जिसके एवज में मात्र 15 सौ पैकेट मुखिया प्रतिनिधि पवन कुमार द्वारा वितरण किया गया।उसमे भी अंचल कर्मियो और मुखिया प्रतिनिधि ने मनमाने ढंग से सिर्फ एक,दो,तीन वार्ड में ही एक हजार पैकेट वितरण किया जबकि चिरौरी पंचायत में कुल दस वार्ड है ।शेष सात वार्ड में पांच सौ पैकेट वितरण किया। साथ ही साथ ग्रामीणों ने कहा की बाढ़ की वजह खेत खलिहान में पानी भरा हुआ है और शौच के लिए सड़क किनारे जाना पड़ता है जो बहुत ही शर्म की बात है । जीविका संगठन के ओर से शौचालय निर्माण का कम चल रहा था। जिसमे प्रखंड विकास पदाधिकारी और जीविका के मिली भगत से हमारे पंचायत की योजना दूसरे पंचायत में दे दिया गया।

सीओ को घेरते आक्रोशित लोग
सीओ को घेरते आक्रोशित लोग

क्या कहते है अधिकारी 

इस सन्दर्भ में अंचलाधिकारी अजय कुमार ने कहा कि मुझ को जितना पैकेट आवंटित हुआ था हम ने बटवा दिया। आगे आलाधिकारी को जानकारी दी गई। जैसा निर्देश होगा वैसा किया जाएगा। शौचालय के सन्दर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा ने कहा कि बाढ़ पीड़ितो द्वारा लगाया गया आरोप निराधार है अभी शौचालय के लिए सर्वे हो रहा है। सर्वे के बाद ही शौचालय निर्माण के काम को अंजाम दिया जाएगा। जीविका के बीएम भूषण ने कहा कि जीविका के सदस्य शौचालय को लेकर लोगों को जागरूक करने का काम है । हमारे संगठन में ऐसी कोई योजना नहीं है। लेकिन 6 महीने के अंदर सभी पंचायत में शौचालय का निर्माण शुरू हो जाएगा। बावजूद इसके बाढ़ पीड़ितो ने प्रखण्ड कार्यालय में धरना पर बैठे रहे।