शो रूम,गैराज,ट्रांसपोर्ट,सहित औद्योगिक प्रांगणों में विश्वकर्मा पूजा की तैयारी पूरी !

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शिल्पों के देवता भगवान विश्वकर्मा की पूजा शनिवार को जिले में धूमधाम के साथ मनायी जायेगी. विश्वकर्मा पूजा को लेकर शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में तैयारी युद्ध स्तर पर की जा रही है. इधर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा बनाने वाले मूर्तिकार भी प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं |

खरीदारी को लेकर बाजार में भीड़ उमड़ी

जिले के शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों स्थानों पर प्रतिमा स्थापना कर भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जायेगी. पूजा को लेकर एक तरफ साफ-सफाई तथा रंगाई-पुताई का दौर चल रहा है, वहीं दूसरी तरफ खरीदारी को लेकर बाजार में भीड़ भी उमड़ रही है. खासकर विभिन्न गिराजों, ट्रांसपोर्ट,वाहन शो रूम,स्टूडियो,तथा औद्योगिक प्रांगणों में पूजा को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है. विश्वकर्मा पूजा की तैयारी में लोग दिन-रात जुटे हुए हैं. रंग-बिरंगे बल्बों से प्रतिष्ठानों को सजाया जा रहा है. वहीं तोरण द्वार का निर्माण भगवान विश्वकर्मा के स्वागत के लिए किया जा रहा है. जिले में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया है |

सहरसा,सुपौल,मधेपुरा,कटिहार,अररिया सहित बिहार में मनाने की तैयारी 

अनामिका ग्रुप पटुआहा में भी अन्य वर्षो की तरह इस वर्ष भी पूजा का आयोजन धूमधाम से करने की तैयारी की जा रही है |वही अनामिका हीरो,आस्था आटोमोबाइल,तिवारी ट्रांसपोर्ट,धानी आटोमोबाइल,शक्ति टीवीएस,यादें स्टूडियो सहित अन्य जगह प्रतिमा स्थापित कर पूजा धूमधाम से मनाने की तैयारी की जा रही है |koshixpress

वस्तु शास्त्र के जनक भगवान विश्वकर्मा एक अद्वितीय शिल्प कुलाधिपती 

भारत देश में शिल्पीकार भगवान विश्वकर्मा की जयंती 17 सितंबर को प्रतिवर्ष श्रद्धा भक्ति एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता हैं। जिसकी तैयारियों लगभग पूरी कर ली गई है। 17 सितंबर को औद्योगिक क्षेत्र, फैक्टरी, लोहे की दुकान,सभी वाहन,शोरुम,सर्विस सेंटर,कम्प्यूटर सेंटर,हाडवेयर की दुकान,आदि की दुकानों में भगवान विश्वकर्मा की पूजा विधि विधान तरीके से की जाएगी। 17 सितंबर को सभी कारीगर अपने औजार की पूजा धूम धाम से करते हैं। कई स्थानों पर भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर लोग पूजा अर्चना करते हैं। प्रत्येक घरों में पूजा की तैयारियों अंतिम चरण पर हैं। घर घर मशीनरी समान एवं वाहन की पूजा करेंगे। विश्वकर्मा पूजा के दिन कारीगर काम नहीं करते हैं। क्योंकि औजार से ही उनकी जीविका चलती है। ओर वह औजार भगवान विश्वकर्मा द्वारा निर्मित किया गया है। इसलिए औजारों की पूजा धूम धाम से करते हैं।

(रिपोर्ट – खगड़िया से मुकेश कुमार मिश्र,सिमरी बख्तियार पुर से ब्रजेश भारती,कटिहार से शादाब आलम,मधेपुरा से संजय कुमार सुमन,सुपौल से रवि रौशन,अररिया से शिवम कुमार  )