विधायक ने दिया सेविकाओं को नसीहत,ठीक से चलायें आँगनबाड़ी केन्द्र !

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मुकेश कुमार मिश्र : बिहार के खगङिया में परबत्ता विधायक ने प्रखंड के सभी आँगनबाड़ी केन्द्रों की सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं तथा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के साथ स्थानीय विधायक रामानंद प्रसाद सिंह ने गुरुवार को परबत्ता में एक बैठक किया।koshixpress
शिकायतों पर होगी फौरन कार्रवाई
इस बैठक में उपस्थित सेविकाओं को संबोधित करते हुए विधायक ने ठीक ढंग से केन्द्रों को चलाने की नसीहत देते हुए कहा कि आँगनबाड़ी सेविकाओं को ईमानदारी से काम करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि आप ठीक रहें तो सब ठीक रहेगा।किसी संघ या संगठन का अध्यक्ष या अन्य पदधारी को गड़बड़ी करने की छूट नहीं होती है।सरकार के द्वारा सभी स्तर के कर्मियों के कार्य करने के लिये नियम बना हुआ है।सेविकाओं की चमनमुक्ति की भी एक प्रक्रिया है।इसका अनुपालन नहीं होने पर पदाधिकारी भी लपेटे में आ सकते हैं।सभी की जिम्मेदारियाँ बँटी हुई है।गलत आरोप लगाना उचित नहीं है।किसी को घूस मत दीजिये।यदि आपकी पंजी सही होगी तो उसे स्वीकृत करना पदाधिकारी की मजबूरी होगी। ईश्वर ने आपको सेवा का मौका दिया है।इस मौके का लाभ उठाईये।प्रखंड में सी डी पी ओ तथा सेविकाओं के बीच बढते तकरार की चर्चाओं के बीच दोनों पक्षों में समन्वय स्थापित करने को लेकर यह बैठक आयोजित की गयी थी।koshixpress
नियमों से बँधे हैं पदाधिकारी
बैठक के आरंभ में प्रखंड जद यू अध्यक्ष नंदलाल मंडल ने इस बैठक की अध्यक्षता के लिये विधायक के नाम का प्रस्ताव किया।जिसे दशरथ दास ने समर्थन किया।मौके पर मंच संचालन कर रहे नंदलाल मंडल ने सेविकाओं को अपनी बातें और शिकायतें खुलकर रखने का आग्रह किया।इस पर सेविका कमला कुमारी ने सी डी पी ओ पर धमकी देने,पेपरबाजी करने,अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया।वहीं बेबी कुमारी ने कहा कि जब से वर्तमान सी डी पी ओ आयी है तब से दोनो पक्षों के बीच ताल मेल की कमी हुई है। स्वर्णलता कुमारी ने कहा कि उन्हें गलत आरोप लगाकर स्पष्टीकरण माँगा गया। रुखसाना खातून ने कहा कि केन्द्र नहीं चलाने वालों पर कार्रवाई हो लेकिन सही तरीके केन्द्र चलाने वालों पर कार्रवाई से बचा जाय।प्रेमलता कुमारी ने 25 हजार रुपये माँगने का आरोप लगाया।मौके पर मंजू कुमारी,सुलेखा देवी,विद्या भारती आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।koshixpress
सभी सेविकाओं ने एक स्वर से प्रशासन के द्वारा विभिन्न आरोप लगाकर सेविकाओं की चयनमुक्ति का विरोध किया तथा इसे रोकने की माँग को मुखरता पूर्वक रखा।उन्होंने कहा कि यदि किसी सेविका से कोई गलती होती है तो प्रशासन मानदेय तथा पोषाहार की राशि में कटौती एवं अधिकतम कार्रवाई के रूप में निलंबन तक करे।लेकिन चयनमुक्ति जैसे अंतिम विकल्प को हमेशा उपयोग में नहीं लाये।कुमारी हीरा ने कहा कि हम जान बूझ कर गलती नहीं करते हैं।फिर भी यदि गलती हो जाय तो चेतावनी,स्पष्टीकरण तथा कटौती तक करें।हमें चयनमुक्ति से बचाने की जरुरत है।koshixpress
मौके पर विधायक की अनुमति से सी डी पी ओ रंजू देवी ने कहा कि केन्द्रों पर कम बच्चे पाये जाने, पोशाक राशि वितरण में गबन,टी एच आर वितरण में गड़बड़ी,मेनू का पालन नहीं करने या निरीक्षण के दौरान दुर्व्यवहार करने तक का आरोप सिद्ध होने पर कार्रवाई करना हमारा कर्तव्य और मजबूरी है।चयनमुक्ति का अधिकार जिला के पास होता है।हमारे स्तर से आम तौर पर किसी की चयनमुक्ति की अनुशंसा नहीं की जाती है।हमें भी जबाब देना पड़ता है।बहरहाल अंत में विधायक ने सभी को मिल जुल कर नियमानुसार चलने और चलाने का निर्देश दिया।मौके पर जय जयराम चौधरी,राजू चौधरी,निरंजन यादव, श्रीकृष्ण सिंह,मंटू भगत,जयकृष्ण यादव समेत दो सौ सेविकाएँ एवं सभी एल एस मौजूद थी।