मानस के पहले रचयिता भगवान शिव दुसरे हनुमान ओर तीसरे तुलसीदास हैं – स्वामी आगमानंद जी महाराज

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वचन देते कथा व्यास परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज
मुकेश कुमार मिश्र  : गाजियाबाद (साहिबाबाद ) के अमन बैकेंट हाॅल राजेन्द्र नगर में आयोजित पांच दिवसीय श्री राम कथा से माहौल भक्ति मय हो चुका है। कथा व्यास परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने प्रथम दिन श्री शिव पार्वती विवाह, दुसरे दिन श्री राम जन्मोत्सव, तीसरे दिन श्री सीता राम विवाह महोत्सव, चौथे दिन श्री लक्ष्मण, राम हनुमान मिलन पर विस्तार पूर्वक से प्रसंग कहते हुए कहा कि रामचरितमानस के पहले रचयिता भगवान शिव एवं दुसरे हनुमान एवं तीसरे रचयिता तुलसीदास हैं।koshixpress
भगवान के भागवत्व एवं भक्त के भक्ति के पराकाष्ठा एवं श्री राम के बाल काल की लीलाओं का  आनन्द भक्तों ने लिया। भगवान श्री राम कई रूपों में प्रकट होकर अहंकारियों का नाश किया।  भगवान एवं भक्त की अद्भुत लीला को दिखाया। श्री राम, लक्ष्मण , हनुमान मिलन प्रसंग सुनकर श्रोतागण भावुक हो उठे। वहीं प्रत्येक दिन पंडित कौशलेन्द्र जी द्वारा देव पूजन का कार्य किया जा रहा है। तथा दोपहर में बारी बारी से प्रवचन कर्ता पंडित मांगन जी, पंडित भूषण जी, पंडित पंकज शास्त्री, पंडित प्रेम शंकर भारती, भगवान श्री राम  कथा पर श्रोताओं के बीच अपना विचार प्रकट कर रहे हैं।koshixpress
रेडियो स्टेशन से जुड़े संगीत कलाकार शंकर मिश्र नाहर, बलवीर, माधव, पवन, किशोर, राजू, मंजय, रविश,जुगुनू,दिलीप,आदि अपनी भक्ति संगीत से श्रोताओं का दिल जीत लिया है। कथा के अंतिम दिन ( 14 सितंबर ) कथा व्यास परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के द्वारा भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक पर चर्चा होगी।
श्रोतागण कथा का रस पान करेंगे। सोमवार की रात्रि श्री राम कथा समिति दिल्ली की ओर से कलाकारों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया गया। प्रत्येक दिन योग प्रशिक्षक गुड्डु जी एवं विनोद विश्वास द्वारा लोगों को योगाभ्यास करवा रहे हैं। बारह एवं तेरह सितंबर को सैकड़ों की संख्या में लोगों ने परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज से गुरु दीक्षा प्राप्त किया। उद्घोषक के रुप में अनिमेष सिंह हैं।