भारतीय संस्कृति को सहेजता एक परिवार,विभिन्न विधाओं में कर रहे हैं ज्ञान हासिल !

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मुकेश कुमार मिश्र : शिव शक्ति योग पीठ नवगछिया भागलपुर से जुड़े एक परिवार भारतीय संस्कृति को सहजने में लगे हुए हैं। विभिन्न विधाओं में ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं। परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज का आशीर्वाद उन परिवारों के उपर स्पष्ट दिख रहा है। भागलपुर जिले के तुलसी पुर जमुनियॅा निवासी 45 वर्षीय योगाचार्य गुड्डु जी 20 वर्ष पूर्व  रोजगार पाने के लिए घर से आन्ध्र प्रदेश के लिए रवाना हुआ। आन्ध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के अंगोल शहर में  रहने लगा,गुड्डु ने बताया कि दिन भर कार्य करने के बाद ओर कम्पनी के द्वारा मजदुरी के रुप में भुगतान राशि से मुझे  खूशी नहीं मिलती थी ओर शारीरिक दृष्टिकोण से हम कमजोर होने लगे थे। उसके बाद योग गुरु राम देव बाबा के पतंजली संस्था में शामिल हो गए ओर काफी मेहनत एवं लग्न के साथ योग विद्या प्राप्त किया। आन्ध्र प्रदेश में हीं शादी रचाई। ओर मुझे एक पुत्री की प्राप्ति हुई। ओर वह पुत्री छ:  माह की आयु में ही ओम् शब्द का उच्चारण करने लगी थी। उस पुत्री का नाम ” सरस्वती” रखा। आज आठ वर्ष की सरस्वती आन्ध्र प्रदेश में नृत्य के क्षेत्र में एक अलग पहचान बना ली है। सरस्वती दर्जनों पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी है ओर 18 एवं 19 जूलाई को को गुरु पूर्णिमा महोत्सव में अपने माँ एवं पिताजी के साथ भागलपुर के लाजपत पार्क मैदान में पहुँची थीं। सरस्वती के नृत्य देखकर हजारों की संख्या में उपस्थित लोगों दंग हो गए।koshixpresskoshixpress

परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज का दिख रहा है आशीर्वाद 

सरस्वती आन्ध्र प्रदेश के भारत नाट्य कला परिषद अंगोल से जुड़ी हुई हैं। पिता योग के क्षेत्र में ओर पुत्री नृत्य के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाकर भारतीय संस्कृति को सहजने में लगे हुए हैं। गुड्डु जी ने बताया कि मुझे कुछ अलग हट कर कोई कार्य करने की तमन्ना रखता हूँ। ओर मेरा एक ही उद्देश्य है कि सभी सार्वजनिक स्थानों पर गोशाला हो, ओर प्रत्येक व्यक्ति योग से जुड़े। ओर स्वस्थ रहे। उन्होंने दावा किया कि 45 वर्ष की इस आयु में जो योग क्रिया में करता हूँ शायद कोई करके दिखा दे । परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के एक शिष्य ने मुझे चार वर्षों पूर्व स्वामी जी से मुलाकात करवाया था। मैं उनके चरणों में रहकर अपने उद्देश्य को पाना चाहता हूँ। स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त कर में बेहद खूश हूँ। गुड्डु जी का जल,तेल,घी,दुध,रवड नीति क्रिया बहुत ही अद्भुत है।

विभिन्न विधाओं में कर रहे हैं ज्ञान हासिल koshixpress

जिसे देखने के बाद आप दंग रह जाएंगे। वहीं भ्रमणपुर निवासी योग प्रशिक्षक विनोद विश्वास स्वामी जी  के निर्देश पर  गांव गांव में जाकर योग शिविर लगाकर लोगों को योग विद्या सिखा रहे हैं।जो कि चर्चा का विषय बना है। भागलपुर के लाजपत पार्क मैदान में आयोजित सातवां गुरु पूर्णिमा महोत्सव में गुड्डु जी एवं विनोद विश्वास ने हजारों लोगों को अद्भुत योग विद्या सिखाया। विनोद विश्वास अंग की धरती पर स्वामी जी के आशीर्वाद से पंचक्रम आयुर्वेद चिकित्सा एवं योग में एक अलग पहचान बना ली है। परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के असीम कृपा से गुड्डु जी, ओर विनोद विश्वास एक अलग पहचान बनाकर लोगों को स्वस्थ बनाने में लगे हुए हैं। वहीं सरस्वती अपने नृत्य कला में प्रवीण होने की दिशा में अग्रसर है।