शिक्षक दिवस को लेकर स्कूली बच्चो में उत्साह का माहौल,तैयारी में जुटे छात्र !

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रवि रौशन \सोनू कुमार भगत : सुपौल जिले के छातापुरप्रखण्ड क्षेत्र में आगामी 5 सितम्बर को मनाये जाने वाली शिक्षक दिवस को लेकर खासकर स्कूली बच्चो में उत्साह का माहौल व्याप्त है । स्कुलो में शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाली विविध कार्यक्रमो की तैयारी में स्कूली छात्र छात्राये जुटी हुयी है । जिसको लेकर स्कुल में भी व्यापक उमंग देखा जा रहा है । शिक्षा जगत में शिक्षक दिवस का बिशेष महत्त्व माना जा रहा है |  शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े शिक्षक ,बच्चे आदि “टीचर डे ” पर उत्साहित है । प्रखण्ड मुख्यालय के सरकारी तथा गैरसरकारी  विद्यालयों सहित बिभिन्न पंचायतो के विद्यालयों में तैयारी जोरों पर है । भारत भूमि पर अनेक विभूतियों ने अपने ज्ञान से हम सभी का मार्ग दर्शन किया है। उन्ही में से एक महान विभूति शिक्षाविद्, दार्शनिक, महानवक्ता एवं आस्थावान विचारक डॉ. सर्वपल्लवी राधाकृष्णन जी ने शिक्षा के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। उनकी मान्यता थी कि यदि सही तरीके से शिक्षा दी जाय़े तो समाज की अनेक बुराईयों को मिटाया जा सकता है। 

ऐसी महान विभूति का जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाना हम सभी के लिये गौरव की बात है। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के व्यक्तित्व का ही असर था कि 1952 में आपके लिये संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति का पद सृजित किया गया। स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति जब 1962 में राष्ट्रपति बने तब कुछ शिष्यों ने एवं प्रशंसकों ने आपसे निवेदन किया कि  वे उनका जनमदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं। तब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी ने कहा कि मेरे जन्मदिवस को शिक्षक दिवस के रूप में मनाने से मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस करूंगा। तभी से 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।