रायफल शूटिंग में कोसी सहित बिहार का दो सगे भाईयों ने बढ़ाया मान,उतराखंड में मचा रहा धूम !

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दोनों भाई एकांश और देवांश

मुकेश कुमार सिंह : कहते है प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है और यह अपना गहरा रंग दिखाकर रहती है ।कोसी के दो लाल ने रायफल शूटिंग प्रतियोगिता में उत्तराखंड में धमाल मचाकर एक इतिहास रच डाला है । दोनों सहोदर भाइयों में सोलह साल के देवांश प्रिय और बारह साल के एकांश प्रिय को पन्द्रहवां उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैम्पियनशिप में क्रमशः गोल्ड और सिल्वर मैडल से नवाजा गया है ।

राज्यपाल से हाथ मिलाते एकांश
राज्यपाल से हाथ मिलाते एकांश

राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने मैडल देकर किया हौसला बुलंद

कोसी के लाल देवांश ने उत्तराखंड में आयोजित 15 वां उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैम्पियनशीप में तीन सिल्वर व एक गोल्ड मैडल प्राप्त कर बिहार को गौरवान्वित किया है। जबकि देवांश का सहोदर भाई एकांश ने भी एक सिल्वर व एक गोल्ड मैडल पाकर अपने अग्रज के पद चिन्हों पर चलने का सफल प्रयास किया है। इन दोनों भाईयों को उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल के के. पाल एवं मुख्यमंत्री हरिश रावत ने अपने हाथों मैडल देकर हौसला बुलंद किया।बताना बेहद लाजिमी है की बचपन की पढ़ाई सहरसा में करने के बाद दोनों भाइयों को 2013 में देहरादून के लूसेंट इंटर नेशनल स्कूल में दाखिला कराया गया ।

मैडल को चूमता देवांश
मैडल को चूमता देवांश

अचूक निशानेबाजी की मिसाल कायम कर रहे हैं देवांश व एकांश

कोशी प्रमंडल के जाने-माने जिला समाहरणालय के अवकाश प्राप्त प्रधान लिपिक सहरसा जिला निवासी लक्ष्मण प्रसाद सिंह के 15 वर्षीय पौत्र देवांश वर्ष 2013 से ही ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल देहरादून में प्रशिक्षक अमर सिंह से अचूक निशानेबाजी की प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। पिछले साल 2014 में भी प्रथम बार नेशनल राईफल शूटिंग नई दिल्ली के चैम्पियनसीप में दो गोल्ड पाकर अपने विद्यालय, परिवार व प्रशिक्षक सहित बिहार का परचम लहराया। इस बार उत्तराखंड में आयोजित 15 वां उत्तराखंड स्टेट शूटिंग चैम्पियनशीप में प्रतिभागी राज्य उत्तराखंड, ओएनजीसी, हिमाचल, दिल्ली, यूपी, हरियाणा के आलावा इंडियन आर्मी व इंडियन एयरफोर्स के 2000 प्रतिभागियों के निशानों को 10 मीटर के डीप एयर राईफल में अचूक मात देकर देवांश ने तीन सिल्वर व एक गोल्ड मैडल हासिल किया। जबकि देवांश के कक्षा सात में अध्ययनरत छोटा भाई एकांश ने भी 10 मीटर डीप साईट एयर राईफल में एक सिल्वर व एक गोल्ड पाकर अग्रज देवांश के पद चिन्ह पर चलने का सार्थक व सफल प्रयास में कामयाबी हासिल किया है।

मैडल के साथ एकांश
मैडल के साथ एकांश

कोसी की मिट्टी में भी है दम

पत्रकार सह व्यवसायी बुद्धिनाथ सिंह और गृहिणी श्वेता सिंह के पुत्र 11वीं क्लास के देवांश और सातवीं क्लास के एकांश की सबसे बड़ी तमन्ना देश के लिए शूटिंग चैम्पियन में नाम रौशन करने का है ।जिस घर का सपूत ऐसा हो,वहाँ का आलम क्या होगा,आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं ।मासूम उँगलियों के जौहर से माँ ख़ुशी से कांपती हुयी मोहल्ले वासियों को ख़ुशी के लड्डू खिला रही थीं ।सहरसा जिला मुख्यालय के कबीर चौक स्थित देवांश का घर अभी किसी ऐतिहासिक मंदिर की याद ताजा कर रहा है । पिता बुद्दिनाथ सिंह कहते हैं की वे जीवन में देश के लिए कुछ बड़ा करना चाहते थे लेकिन परिस्थिति और माली हालात ने उनके सपने को कतर डाला ।दोनों बेटों से उन्हें ढेरों आशाएं और उम्मीदें हैं ।उनके दोनों बेटे देश के बेटे साबित होंगे ।यह कहकर बुद्दिनाथ सिंह रो पड़े ।

मुख्यमंत्री के साथ एकांश
मुख्यमंत्री के साथ एकांश

देवांश को तीन सिल्वर व एक गोल्ड एवं एकांश को एक गोल्ड व एक सिल्वर

उत्तराखंड स्टेट रायफल एसोसिएशन द्वारा आयोजित चैम्पियनशिप प्रतियोगिता में दोनों भाइयों के कारनामे पर बजी तालियों की गड़गड़ाहट ने बिहार के पिछड़े जिले माने जाने वाले सहरसा का सम्मान भी उत्तराखंड में बढ़ाकर रख दिया है ।कोच अमर सिंह भी दोनों बच्चों के प्रदर्शन से खुश हैं । उनका कहना है की देवांश और एकांश का शूटिंग के प्रति जुनून यह साबित करता है की भविष्य के ओलम्पिक चैम्पियन में रियो की तरह निराशा हाथ नहीं लगने वाली है ।भारत के ये दोनों लाल मैडल के लिए तरसते देश को जरूर गौरवान्वित करेंगे ।

ल्यूसेंट इंटरनेशनल स्कूल देहरादून का छात्र है दोनों भाई 

कहते हैं पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते हैं ।निश्चित रूप से ये दोनों बच्चे आसमानी जौहर दिखाएँगे और इनके शौर्य का आगे जयकारा लगेगा ।देवांश व एकांश को निशानेबाजी में निरंतर मिल रही सफलता के पीछे पत्रकार पिता बुद्धिनाथ सिंह पप्पन व माता श्वेता सिंह का प्रोत्साहन एवं प्रशिक्षक अमर सिह का मार्गदर्शन का नतीजा मानते हैं|