गंगा की विभीषिका : बांध को बचाने में लगे हैं लोग !

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मुकेश कुमार मिश्र : बिहार के खगडिया जिले अन्तर्गत परवत्ता प्रखंड में बाढ़ की विभीषिका से लोग तंग आ चुके हैं। प्रखंड के दस पंचायत के दर्जनों गांवों में पानी प्रवेश कर चुका हैं। बाढ़ पीड़ित अपना घर छोड़कर गोगरी नारायणपुर बांध पर शरण लिए हुए है। वहीं गोगरी नारायणपुर बांध को बचाने के लिये दिन रात लोग हजारों की संख्या में लगे हुए हैं। कई स्थानों पर बांध में रिसाव हुआ था। जो ग्रामीणों के प्रयास से बंद किया गयाkoshixpresskoshixpress

गोगरी नारायणपुर बांध के अंदर लाखों की आबादी वाला क्षेत्र के लोग काफी चिंतित हैं। इन्द्र भगवान की कृपा हैं जो अपने रुप को समेटे हुए हैं। नहीं तो परवत्ता प्रखंड में भारी तबाही का सामना करना पड़ता। बाढ़ पीड़ित मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इस बार गंगा ने सारे रिकार्ड को ध्वस्त कर नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।कई बाढ़ पीड़ित अपना गांव छोड़कर पलायन कर चुके हैं। मिट्टी ओर फुस का घर भी गिरने लगा है। कई बाढ़ पीड़ित अपने छत पर आशियाना बना कर जान बचा रहे हैं।koshixpress

गोगरी नारायणपुर बांध को बचाने में लगे हैं हजारों लोग

छोटे छोटे बच्चों के होठ सुखने लगे हैं। इन चिलचिलाती धुप में बांध पर बाढ़ पीड़ित दुबके रहते हैं। पशु खूंटे पर भुख से चित्कार रहे हैं।पशु पालक जान जोखिम में डालकर पानी में डूबे हुए फसल को पानी से निकालकर पशु को खिला रहे हैं। अब वो भी खत्म होने के कगार पर है। मंगलवार को मध्य विद्यालय उदयपुर में राहत शिविर के पास दर्जनों बाढ़ पीड़ित थाली  लेकर टकटकी लगाते रहे।koshixpress

सीपीआईएम के परवत्ता अंचल मंत्री सुनील कुमार मंडल ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने बाद उन्होंने बताया कि राहत शिविर” ढाक के तीन पात” साबित हो रहे हैं। बाढ़ पीड़ित को समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। एक कलछुल खीचडी से क्या होगा।” उंट के मुंह में जीरा” वाली कहावत देखने को मिल रहा है। उन्होंने स्थानीय एवं  जिला प्रशासन से मुलाकात कर बाढ़ पीड़ित को शिविर में समुचित व्यवस्था भर पेट भोजन उपलब्ध करवाने की मांग की है। ताकि बाढ़ पीड़ित सुरक्षित रहे।