बाढ के कहर से परेशान हैं लोग,आधा दर्जन गांव की काटी गयी बिजली,बंद हुए डेढ दर्ज विद्यालय !

2383
मुकेश कुमार मिश्र : बिहार के खगड़िया जिला अंतर्गत परबत्ता प्रखंड के कई पंचायत अब बुरी तरह से बाढ़ के चपेट में आ चुका है। विगत चार दिनों से गंगा के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि से गंगा नदी से सटे गांव के लोग काफी परेशान हैं।
  • आधा दर्जन गांवों की काटी गयी बिजली
प्रखंड के कुल्हडिया पंचायत के सलारपुर वार्ड संख्या 8 में गंगा नदी के बाढ का पानी दर्जनों घरों में प्रवेश कर चुका है। हजारों बाढ़ पीड़ित गोगरी -नारायणपुर बांध को अपना आशियाना बना चुके हैं।भरसो पंचायत के पूर्वी भाग बाढ़ की चपेट में आ चुकी हैं।लगार पंचायत के वार्ड नम्बर 6 बिशौनी गांव का भी यही हाल है।छोटी लगार को भी गंगा के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है।मध्य विद्यालय एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय बिशौनी के मैदान में कमर भर पानी है और दोनों विद्यालय के भवन में भी पानी प्रवेश कर चुका हैं।इसके अलावा इंग्लिश लगार में भी बाढ़ का पानी फैलता जा रहा है।गोगरी नारायण पुर बांध के बाहर यानि नदी की तरफ अवस्थित गांवों में पानी का प्रवेश होते ही लोग अपना घर छोड़कर ऊँचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।भरसो पंचायत की अधिकांश आबादी बाढ़ की चपेट में है।वहीं सौढ दक्षिणी पंचायत के भरतखंड डयोढी तथा विकासनगर गांव में पानी का फैलाव के कारण लोगों का घरों से निकलना दुर्लभ हो गया है।koshixpress
  • चारा की व्यवस्था में परेशानी
प्रखंड के सैकड़ों एकड़ उपजाऊ भूमि में लगे मकई का फसल गंगा की पानी में समा चुकी हैं।लोग अपनी जान को हथेली पर रखकर नाव पर चढकर इन फसलों को काटकर चारे के रुप में उपयोग करने को विवश हैं।बिशौनी में भीखन दास ने बताया कि आदमी के साथ साथ जानवरों की व्यवस्था एक दुरुह कार्य बनता जा रहा है। तेमथा करारी पंचायत के तांती टोला तथा मुस्लिम टोला में भी गंगा का पानी का प्रवेश कर चुका है।कई घरों में भी पानी घुसने की खबर प्राप्त हुआ है।माधवपुर पंचायत के तीनों गांवों माधवपुर,मुरादपुर तथा विष्णुपुर को गंगा के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है।वहीं कवेला पंचायत के डुमड़िया खुर्द तथा जागृति टोला में बाढ ने दस्तक दे दिया है।
  • बंद हुए डेढ दर्जन विद्यालय

प्रखंड में गंगा के जलस्तर में अचानक हुई बढोतरी से आयी बाढ की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से आधा दर्जन गांवों की बिजली काट दी गयी है।कुछ गांवों को जाने वाली बिजली के खंम्भे पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं।नॉर्थ बिहार पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से मिली जानकारी के अनुसार गोगरी नारायणपुर बाँध से बाहर गंगा नदी की तरफ बसे कई गांवों की बिजली को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रुप से काट दिया गया है।जिन गांवों की बिजली काटी गयी है इसमें तेमथा करारी पंचायत के शर्मा टोला व मुस्लिम टोला तेयथा,दरियापुर भेलवा पंचायत के कुछ टोले,माधवपुर पंचायत,जोरावरपुर पंचायत के कज्जलवन दियारा गांव तथा कवेला पंचायत के कुछ टोले शामिल हैं।koshixpress

इस बाढ में सबसे अधिक परेशानी पशुपालकों को हो रही है।प्रखंड के अधिकांश पशुपालक अपने पशुधन के साथ साल के अधिकांश महीने दियारा क्षेत्र में रहते हैं।लेकिन दियारा डूब जाने से अब वे अपने पशुओं के साथ बाँध के अंदर स्थित अपने अपने गांव को लौट आये हैं।अब उन्हें चारा के लिये भारी परेशानी से जूझना पड़ रहा है।

प्रखंड में बाढ की स्थिति को देखते हुए डेढ दर्जन विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।इन विद्यालयों में गर्मियों की छुट्टी की बजाय बाढ की छुट्टियाँ होती है।इसमें मध्य विद्यालय सौढ, प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित भरसो,मध्य विद्यालय शिवनगर सलारपुर,प्राथमिक विद्यालय भरसो पूर्वी,कन्या प्राथमिक विद्यालय सलारपुर,कन्या प्राथमिक विद्यालय बिशौनी,मध्य विद्यालय बिशौनी, प्राथमिक विद्यालय शर्मा टोला तेमथा, मध्य विद्यालय नयागांव गोढियासी, मध्य विद्यालय डुमड़िया खुर्द,प्राथमिक विद्यालय जागृति टोला,मध्य विद्यालय माधवपुर, मध्य विद्यालय मुरादपुर,मध्य विद्यालय विष्णुपुर,कन्या प्राथमिक विद्यालय माधवपुर,प्राथमिक विद्रावय कज्जलवन दियारा,मध्य विद्यालय कोरचक्का, प्राथमिक विद्यालय कोरचक्का तथा प्राथमिक विद्यालय माधवपुर एक शामिल है।koshixpress
  • तेज हवाओं ने किया बाँध पर हमला
प्रखंड में बुधवार शाम से तेज हवाएँ चल रही है।इन तेज हवाओं के कारण गंगा के पानी में बड़ी लहरें उठ रही है।इन बड़ी बड़ी लहरों के थपेड़ों ने कई जगहों पर जी एन बाँध तथा रिंग बाँध पर हमला कर दिया है।इसमें नयागांव गोढियासी से मुरादपुर रिंग बाँध तथा उदयपुर – चकप्रयाग – लगार रिंग बाँध पर लगातार सुरक्षात्मक उपाय किये जा रहे हैं।जल संसाधन विभाग के लोग लगातार इन बाँधों की सुरक्षा में लगे हुए हैं।
कहते हैं अभियंता
जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है।लेकिन अगर जलस्तर में और बढोतरी हुई तो कुछ भी पूर्वानुमान लगाना मुश्किल है।विभाग के अभियंता व मजदूर दिन रात बाँध को मजबूत करने में लगे हैं।