पांच दिवसीय झूलनोत्सव मेला उत्साह पूर्वक आरंभ !

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मुकेश कुमार मिश्र : बिहार के खगडिया जिले अन्तर्गत परवत्ता प्रखंड के खजरैठा गांव में अतिप्राचीन भगवान श्री राम मंदिर में पांच दिवसीय झूलनोत्सव कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। जो 18 अगस्त तक चलेगा । झुलनोत्सव कार्यक्रम को लेकर खजरैठा गांव में उत्साह का माहौल बना हुआ है। भगवान श्री राम मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया  गया है। सुबह शाम  भक्ति संगीत का कार्यक्रम लगातार पांच दिनों तक चलेगा। खगडिया जिले के एकलौता मंदिर है जहां  झूलनोत्सव कार्यक्रम सदियों  पुरानी हैं।koshixpress
भगवान श्री राम मंदिर का इतिहास
खजरैठा गांव में भगवान श्री राम मंदिर अति प्राचीन है। पंकज कुमार राय ने बताया कि हमारे पूर्वज स्व गोपाल राय के द्वारा विक्रम संवत 1969  ई० में भगवान श्री राम मंदिर का स्थापना किया गया। अयोध्या से आए हुए पंडित राम दास जी के द्वारा  प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ था।  सन्  1957 ई० में गंगा की गोद में मंदिर सहित गांव विलिन हो गया। पून: स्व छेदी प्रसाद राय एवं  स्व लक्ष्मी  नारायण राय ने सर्वप्रथम मंदिर का भवन निर्माण कर पूजा प्रारंभ किए। मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित भगवान श्री राम,लक्ष्मण,जानकी, हनुमान जी ,  लक्ष्मी नारायण, भगवान विष्णु, भगवान सालीग्राम, का आकर्षक प्रतिमा देखकर भक्त गण गद गद हो जाते हैं।
पालनें में  झूल रहें हैं भगवान 
सदियों से चली आ रही हैं परम्परा को स्व गोपाल राय के वंशज  आज भी बरकरार रखें हैं।काफी वजन दार झूला चांदी का हैं। जिसके पालनें पर भगवान श्री राम के साथ लक्ष्मण, माता जानकी ,हनुमान जी, लक्ष्मी नारायण,भगवान विष्णु,भगवान सालीग्राम को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष एकादशी से लेकर श्रावण की पूर्णिमा तक झूलनोत्सव किया जाता है।koshixpress
पांच दिन तक बहेगी भक्ति की गंगा
खजरैठा गांव में अवस्थित भगवान श्री  राम मंदिर के प्रागंण में आयोजित झुलनोत्सव कार्यक्रम में दुर दराज से आए हुए संगीत कलाकार अपना जलवा दिखा रहे हैं। लगातार पांच दिनों तक भक्ति संगीत की गंगा बहेगी। भक्ति संगीत के साथ कथा प्रसंग का भी श्रोतागण रस पान करेंगे।। वहीं सुबह, एवं संध्या के समय विशेष पूजन के साथ प्रसाद का वितरण किया जाता हैं। उक्त मंदिर में झूलनोत्सव कार्यक्रम के अलावा रामनवमी,कृष्ण जन्मोत्सव,शरद् पूर्णिमा आदि मौके पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता हैं।
  • श्रावण मास में झूलनोत्सव कार्यक्रम का एक विशेष महत्व होता हैं
क्यों किया गया श्री राम मंदिर का स्थापना
पंकज कुमार राय ने बताया कि स्व गोपाल राय को संतान तो होती थी लेकिन कुछ समय के बाद मृत्यु हो जाती थी ।अपने वंश को आगे बढ़ाने के लिए काफी परेशान हुए। पून: अयोध्या से बड़े बड़े पंडित का आगमन हुआ। ओर पंडित के बीच काफ़ी बहस चली।वहीं पंडित राम दास जी ने कहा कि वंश आगे बढाने के लिए भगवान श्री राम एवं भगवान कृष्ण मंदिर का स्थापना करना ही उचित होगा। ओर सारे संकट दूर होगें। उसके बाद स्व गोपाल राय के द्वारा भगवान श्री राम मंदिर का निर्माण किया गया। ओर उनके वंश भी आगे बढे। उन्होंने सारा जमीन भगवान के नाम पर कर दिए। आज भी बेलदौर प्रखंड में सैकड़ों एकड़ जमीन हैं।