हड़ताल पर धरती के भगवान : ध्वनि वर्जित इलाके में लाउड स्पीकर पर खूब गरजे डॉक्टर !

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कुणाल किशोर : बिहार के सहरसा में डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह से रंगदारी मांगे जाने के विरोध में हड़ताल पर गए चिकित्सकों ने काम-काज ठप कर स्थानीय  सदर अस्पताल में धरने पर बैठ गए |धरना पर बैठे आंदोलित डॉक्टरों ने ध्वनि वर्जित क्षेत्र सदर अस्पताल के इमरजेंसी के पास लाउडस्पीकर पर खूब गरजे। ड्रग, एक्सरे, मेडिकल असोसिएशन सहित करीब 100 से अधिक की संख्या में धरना पर बैठे डॉक्टरों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली और अपराधियों की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया है।koshixpress

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आंदोलनकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के सदर अस्पताल का ओपीडी तक बंद करवा दिया। मरीजों के लिए शुक्रवार को सिर्फ इमरजेंसी सेवा ही उपलब्ध था। koshixpress

डॉक्टरों ने धरना के लिए जिस स्थान का चयन किया वह ध्वनिवर्जित इलाका है। यहां तक कि अस्पतालों के पास जिला प्रशासन के आदेशानुसार सूचना अंकित होता है कि अस्पताल के दायरे में हॉर्न तक बजाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद डॉक्टरों ने इमरजेंसी के बगल में लाउडस्पीकर पर कैसे घंटों भाषण के साथ प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस बाबत सदर अस्पताल उपाधीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि डॉक्टर आंदोलन पर हैं तो मुंह पर पट्टी तो बांधेंगे नहीं, अपना भाषण दे रहे हैं। यह उन्होंने जरूर माना कि अस्पताल परिसर ध्वनि वर्जित इलाका है।koshixpress

धरना पर शहर के चर्चित सर्जन गोपाल शरण सिंह, अजय सिंह, आई डी  सिंह, रंजेश कुमार सिंह, ब्रजेश सिंह, ए के चौधरी, गणेश यादव, शिशु रोग विशेषज्ञ एस पी झा, के सी झा सहित काफी संख्या में धरना पर बैठे डॉक्टरों ने अपराधियों के खिलाफ जारी इस लराई में आम जनों का समर्थन मांगते हुये प्रशासन से पूछा की आखिर बार बार रंगदारी मांगे जाने के बाद भी अब तक असली अपराधियों किगिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकी हैkoshixpress

प्रबंधक रितेश रंजन ने इस बाबत कुछ भी कहने से इंकार करते हुए कहा की वे स्ट्राइक पर है। नगर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मंजीत सिंह ने अस्पताल परिसर में लाउडस्पीकर पर भाषण को गलत बताते इसका भी विरोध किया कि बिना पूर्व सूचना के ओपीडी को बंद नहीं करना चाहिए। इससे काफी अधिक संख्या में मरीजों को परेशानी का सामना करना परा है। गुरुवार की मध्य रात्रि से डॉक्टरों के हड़ताल पर रहने के कारन जिले में शुक्रवार को तमाम प्राइवेट नर्सिंग होम में मरीजों का इलाज नहीं हो सका।