नहीं थम रहा हत्या का सिलसिला : दो घटनाओं में उप सरपंच व वार्ड सदस्य की हत्या !

1132
खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र) : बिहार में मामला चाहे किसी रंजिश से जुड़ा हुआ हो या फिर कोई अपराध से,हत्या का दौर बदस्तूर जारी है ।परबत्ता प्रखंड के कुल्हरिया गांव में बुधवार देर शाम कुल्हरिया ग्राम कचहरी के उप सरपंच सुधीर सहनी की अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी ।सुधीर सहनी प्रतिदिन की भाँति देर शाम कुल्हरिया गांव के शिव मंदिर के पास टहल रहे थे की अज्ञात लोगों ने उन्हें गोली मार दी,जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गयी ।प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ पूर्व से चल रहे विवाद को इस घटना के पीछे का कारण माना जा रहा है ।
हिंसा रोकने में पुलिस हो रही नकारा साबित
मालुम हो की सुधीर सहनी लगातार तीसरी बार उप सरपंच निर्वाचित हुए थे ।हत्या की यह घटना सुधीर सहनी के घर से कुछ दुरी पर ही अंजाम दिया गया था ।बताते चलें की अपराधियों ने सुधीर सहनी को नजदीक से कनपटी में दो गोली मारी थी ।जिस समय यह घटना घटी,उस समय हल्की बारिश हो रही थी ।यह बड़ी वजह थी की उस समय सड़क पर लोगों की हलचल कम थी ।इस बार के पंचायत चुनाव में मतदान तथा मतगणना के बीच के समय में भी सुधीर सहनी एवं उनके चुनावी प्रतिद्वंद्वी के बीच कहा–सुनी और मारपीट हुई थी ।उस वक्त के झगड़ा में राशि के लेन-देन तथा चुनावी आक्रोश को कारण माना गया था । वहीं कुछ लोगों के द्वारा इस घटना को इसे सुधीर सहनी द्वारा ग्राम कचहरी में लिये गये फैसलों में से किसी एक मामले को भी कारण माना जा रहा है ।दरअसल ग्राम कचहरी कुल्हरिया का सरपंच का पद महिला के लिये आरक्षित है ।इस वजह से उप सरपंच के पद पर निर्वाचित होने के बावजूद ग्राम कचहरी की बैठकों में उप सरपंच की भूमिका को सरपंच से अधिक प्रभावी माना जा रहा था । हांलांकि पुलिस इस मामले की तफ्तीश में जुटी हुयी है लेकिन अभीतक ना तो ह्त्या की वजह का खुलासा हो पाया है और ना ही इस मामले में किसी की गिरफ्तारी ही हो सकी है ।
पिटाई से जख्मी वार्ड सदस्य की मौत 
वहीं एक दूसरे मामले में पिटाई से जख्मी वार्ड सदस्या की ईलाज के दौरान मौत हो गयी ।परबत्ता प्रखंड के छोटी पसराहा गांव में वार्ड संख्या तीन की सदस्या मीणा देवी को पीट–पीट कर जख्मी कर दिया गया ।पूर्व से चल रहे विवाद में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में वार्ड सदस्या मीना देवी एवं उनके पति बुरी तरह से जख्मी हो गये ।उन्हें बेहतर ईलाज के लिये गोगरी रेफर किया गया ।परंतु, वहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेगूसराय रेफर कर दिया गया । लेकिन बुधवार को उनकी मौत ईलाज के दौरान हो गयी ।जानकारी के मुताबिक़ यह घटना चापाकल गाड़ने को लेकर घटित हुआ था ।
इस दोनों मामले में आखिर कार दो इंसानी जिंदगी को मौत के घाट उतारा गया ।आखिर पुलिस क्या कर रही है ?पुलिस का का खौफ अब लोगों में क्यों नहीं रहा ?बात-बात पर लोग एक-दूसरे की जान क्यों ले रहे हैं ?आखिर लोगों के हिंसक होने के पीछे की वजह क्या है ?क्या अमन पसंद लोगों को जीने का अधिकार नहीं है ?ये कुछ सवाल हैं जिसके जबाब तलाशने होंगे ।