प्रशासनिक उदासीनता : कांवरिया पथ पर नहीं है प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था !

2022

सहरसा (ब्रजेश भारती) : प्रसिद्ध श्रावणी मेला अपने अंतिम चरण में हैं। तीसरी सोमवारी बीत जाने के बाद भी अबतक कांवरिया पथ मानसी – सहरसा रेलखंड पर प्रशासनिक सुरक्षा समेत अन्य सुविधा कि व्यवस्था नही हो सकी हैं। गत वर्ष इस पथ पर रेलपुल पार करने के दौरान ट्रेन के आ जाने के कारण कोशी नदी में कांबरियों ने छलांग लगा कर अपनी जान गंवा दी थी। कावरिया व डाकबम को खगड़िया-सहरसा रेलखंड मार्ग से आने – जाने में दुर्घटना की आशंका सताते रहती है। रात के अँधेरे में हजारों कांवरिया इस रास्ते से जलकर भर कर मटेश्वरधाम तक पहुंचे हैं।

डाक बम
डाक बम
  • सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल के बाबा मटेश्वर धाम कांठो बलवाहाट में जलाभिषेक करने हेतु उमड़ती है शिव भक्तों की भीड़

सहरसा-खगड़िया प्रशासन कांवरिया पथ के लिए सजग नहीं

सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दुरी पर अवस्थित बाबा मटेश्वर धाम कांठो – बलवा हाट में हर वर्ष प्रसिद्ध श्रावणी मेला के अवसर पर मुंगेर जिले के छर्रा पट्टी गंगा नदीं घाट से कांवरिया व डाकबम की टोली जल भरकर खगड़िया , मानसी , बदला घाट, धमारा घाट, फनगो हाॅल्ट, कोपरिया रेलवे स्टेशन, गोरगामा रेलवे ढ़ाला तक सहरसा – मानसी रेलखंड के पथरिली मार्ग होकर जलाभिषेक करने पहुंचते है। इस रेलखंड मार्ग में कांवरिया डाकबम व अन्य शिव भक्तों को कई पुराने जर्जर रेल पुल होकर गुजरने पर दुर्घटना की आशंका लगी रहती है। कई बार कावरिया दुर्घटना के शिकार भी हो चुके है। फिर भी रेल प्रशासन व सहरसा एवं खगड़िया जिला प्रशासन का ध्यान इस और आकृष्ट नहीं हो पाता है। जबकि पिछले वर्ष भी रेल पुल से डाक व कावरिया बम निचे पानी में गिर चुका है। हर वर्ष कांवरियों को कांवरिया पथ में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हलांकि स्थानीय लोगों ने सहरसा एवं खगड़िया जिला प्रशासन डीएम से कांवरिया पथ में सुरक्षा व आवागमन सुलभ कराने की मांग की है।