लोगो ने अपना एक माह का वेतन तो किसानों ने अपने खेती से कमाई का एक हिस्सा दान कर इस मंदिर का निर्माण कराया !

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मुकेश कुमार मिश्र : बिहार के खगडिया अंतर्गत परवत्ता प्रखंड के सियादत पुर अगुवानी पंचायत स्थित डुमरिया बुजुर्ग में नव निर्मित भगवती मंदिर उत्तर बिहार का गौरव बना हुआ है। करोड़ों की लागत से नव निर्मित भगवती मंदिर गांव की एकता, अखंडता ओर दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं।डुमरिया बुजुर्ग के ग्रामीणों ने आध्यात्मिक के प्रति एक गजब का मिसाल कायम किया है। गांव के प्रत्येक वेतन भोगी ने अपने एक महीने की वेतन एवं किसानों ने अपने खेतों की कमाई का एक हिस्सा मंदिर के निर्माण में दान किया। लगभग दो वर्ष का समय लगा मंदिर के निर्माण कार्य पूर्ण होने में जो आज भव्य मंदिर के रुप में लोग देख रहे हैं।koshixpress

सर्पदंस से पीड़ित व्यक्ति की जान बच जाती हैं माँ के दरबार में उपस्थित होने  से  

  •  एकता,अखंडता ओर दृढ संकल्प का प्रतीक हैं डुमरिया बुजुर्ग का भगवती मंदिर

मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित माँ भगवती,सरस्वती,लक्ष्मी,शिवलिंग ओर बजरंगबली का आकर्षक प्रतिमा देखकर एेसा प्रतीक होता हैं कि भगवान साक्षात विराजमान हैं। माँ भगवती की महिमा भी अपार है। नागपंचमी एवं शारदीय नवरात्रि में विशेष पूजन किया जाता हैं। लोगों का मानना है कि सर्पदंस  पीड़ित व्यक्ति यदि इस मंदिर में पहुंचकर मंदिर के गर्भ गृह का नीर ग्रहण कर लेता है जो उनकी जान माँ के आशीर्वाद से बच जाती हैं।

कलश पूजन का विशेष महत्व

शारदीय नवरात्रि में कलश पूजा का विशेष महत्व होता हैं। सैकड़ों की संख्या में भक्त जन कलश स्थापित कर पूजा अर्चना करते हैं। रजनीश स्नेह, पिंटू हजारी बताते हैं कि शारदीय नवरात्रि में भक्तों का जन सैलाब उमड़ पडती हैं। माँ भगवती सबकी मन्नतें पूर्ण करती हैं।उत्तर वाहिनी गंगा तट पर अवस्थित अगुवानी एवं डुमरिया बुजुर्ग गांव, शिक्षा, राजनीति , संगीत, आदि कार्यों को लेकर एक अलग पहचान है |