बाढ़ पीड़ितों का दर्द अब बढ़ने लगा,समस्याओं से जूझने को विवश !

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फरदापारी पुल पर बहता पानी

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रहा है। इससे बाढ़ पीड़ितों का दर्द अब बढ़ने लगा है। हजारों लोग कई समस्याओं से जूझने को विवश है। कोसी का पानी मोरसंडा पंचायत के मोरसंडा,अमनी,महादलित टोला करेलिया मुसहरी,श्रीपुर बासा,परवत्ता,सिढ़ो बासा,फुलौत पूर्वी पंचायत के करेल बासा,अनूपनगर नयाटोला,पिहोड़ा बासा,बड़ी खाल,बड़बिग्घी,फुलौत पश्चिमी पंचायत के झंडापुर बासा,पनदही बासा,घसकपुर,सपनी मुसहरी आदि गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

पानी में डूबा विद्यालय
पानी में डूबा विद्यालय

बाढ़ पीड़ितों की समस्या को देखते हुए चौसा प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा एवं अंचल अधिकारी अजय कुमार लगातार बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का नौका से दौरा कर वस्तुस्थिति का जायजा ले रहे हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अब कई स्थान पर कटाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। फरदापारी पुल पर पानी का बहाव तेज हो गया है। सैकड़ों एकड़ में लगी धान एवं मकई की फसल डूब गई है। पशुपालकों को अब तक पशुचारा भी उपलब्ध नही कराया गया है। जिससे कई पशुओं के मौत हो जाने की सूचना है।

नाद को ही बनाया नाव
नाद को ही बनाया नाव

पानी के बढ़ते दवाब के कारण पहले ही धनेशपुर से मोरसंडा जाने वाली सड़क पर कटाव हो गया है। फरदापारी पुल पर एक से डेढ़ फीट पानी उपर बह रहा है। पुल पर भी दवाब बढ़ने लगा है। पुल के उपर से पानी बहने के कारण आवागमन में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। चुकि इस सड़क से सैकड़ो की संख्या में प्रतिदिन छोटी एवं बड़ी वाहनों का आवागमन होता है।

अपने डूबे फसल को निहारते किसान
अपने डूबे फसल को निहारते किसान

बाढ़ पीड़ित विकास सिंह,निरंजन सिंह,पंकज मुनी,इन्दू देवी,प्रकाश सिंह का आरोप है कि कई दिनों से घरों में पानी घुसे रहने से तबाही मची हुई है। लोग घर-द्वार छोड़ कर अन्य सुरक्षित स्थानों पर पनाह लेने पर विवश है। अभी तक प्रशासन की ओर से जितनी नावों का परिचालन शुरू किया है वह काफी कम है। अंचल पदाधिकारी कहते हैं कि नाव का अभाव है। जरूरत के हिसाब से नाव का परिचालन किया गया है।