इल्म का तलब करना हर मुसलमानों का फर्ज है -मौलाना मुजीबुर्रहमान

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मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : जिले के चौसा प्रखंड अन्तर्गत फुलौत में तफज्जुल शाह का सलाना उर्स बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। फुलौत मस्जिद से सटे तफज्जुल शाह की मजार पर श्रद्धालुओं ने चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। सलाना उर्स के मौके पर मिलादुन्नबी का आयोजन किया गया।koshixpress

मिलादुन्नबी को संबोधित करते हुए मौलाना मुजीबुर्रहमान ने कहा कि इल्म का तलब करना हर मुसलमानों का फर्ज है। अल्लाह तआला ने दुनिया में इंसान को भेजने के बाद इल्म को जरूरी दर्जा देने का काम किया है। नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसललम ने फरमाया है कि ऐसा जमाना भी आने वाला है जिसमें सच्चों को झूठा और झूठों को सच्चा बनाया जायेगा। चोर को ईमानदार और ईमानदार को चोर बनाया जायेगा। घिनौना और कमीना आदमी उस जमाने में फैसले करने वाला होगा। शायरे इस्लाम अब्दुल हफीज ने कहा कि लोगों के खौफ से हक बात कहने से न रूको क्योंकि ना तो कोई मौत को करीब कर सकता है और ना कोई दूर कर सकता है। जुम्मे की नमाज की चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि जब जुमा के दिन की नमाज के लिये पुकारा जाये तो अल्लाह की याद की तरफ चल पड़ो और खरीद एवं फरोक्ष्त छोड़ दो। यह तुम्हारे लिए बेहतर है। जब नमाज पूरी हो जाये तो जमीन में फैल जाओ और अल्लाह का फजल तलाश करो,अल्लाह को कसरत से याद करो।

शायरे इस्लाम मु0फुरकान ने कहा कि तुम तब तक ईमान वाले नहीं हो सकते जब तक आपस में मुहब्बत न करने लग जाओ। अगर हमारी वजह से कोई तकलीफ के आंसू बहाए तो याद रखना जब रब इन आंसूओं का हिसाब लेगा तो यह नहीं पूछेगा कि रोने वाली आंखों का मजहब कौन सा था। कार्यक्रम की अध्यक्षता इमाम अब्दुल रहमान ने किया जबकि आयोजन में मजहर उद्दीन,शहंशाह कैफ,डा0 मंजूर,सदरे आलम,शब्बीर आलम,महफुज आलम,जलील आलम की भूमिका देखी गई।