सैलाब का कहर : ना ही घर बचा और ना ही खाने को ही कुछ है !

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कटिहार (शादाब आलम ) : कटिहार में इन दिनों बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है ,कदवा, बारसोई,मनिहारी,बरारी और प्राणपुर में सैलाब ने बड़ी आबादी में कहर बरपाया है,इन क्षेत्रों की बड़ी आबादी त्राहिमाम है ना घर ही बचा है और ना ही खाने को ही कुछ है ।koshixpresskoshixpress

जहाँ तक नजर जाए सिर्फ पानी ही पानी,चारों और हाहाकार और दाने दाने को मोहताज ये पीड़ित,कटिहार के कदवा प्रखंड का ये वो विद्यालय हैं जहाँ कभी स्कूल की चार दिवारी छात्र छात्रों के सुरों से गूंजता था आज वो पानी की चपेट में है और सुनाई देती है पानी की आवाज और वो डर की अब जहाँ आसरा लिया है कहीं वो भी पानी में तबाह हो गया तो फिर किया होगा ये कल सता रहा है , बाढ़ पीड़ित सुलेखा देवी कहती है आसमानी कहर बरपाता ये पानी ने आशियाने से बेघर कर दिया है लेकिन साथ जो बच्चे हैं उनके और अपने पेट की भूख भी मिटानी है तो ऊँचे का शरण लेकर खाना बनाती ये कहती है सबकुछ मिट गया मवेशी को चारा नहीं है और सरकारी मदद के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिला है |koshixpress

वहीँ एक बाढ़ पीड़ित माँ मंजू देवी कहती है अपने बच्चों के भूख मिटाने की चिंता है तो वो कहती है कि घर छोड़ कर सड़क पर अपना आशियाना बना कर अपनी भूख मिटाकर बच्चों को खाने का इंतजाम कर रही है ,लेकिन जो अनाज है वो भी ख़त्म हो रहा है,लेकिन सरकार के मदद के नाम पर कोई नहीं आया है ।राणा प्रताप शर्मा कहते हैं सड़क ही आशियाना बना हैं आसमानी कहर ने ज़िन्दगी के  दो राहों पर लाकर खड़ा कर दिया है,और सैलाब में हो रही बढ़ोतरी का डर हमेसा सताता रहता है ।

बाढ़ पीड़ितों को सरकारी मदद न मिलने से लोगों का गुस्सा आसमान पे है,चारों तरफ पानी ही पानी,लेकिन दो बूंद प्यास बुझाने के लिए पानी भी मयस्सर नही,ऐसे में आज भी ये पीड़ित सरकारी राहत के इंतजार में हैं ।