बाढ़ ने मचाई तबाही ,संकट में जनजीवन !

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पानी से घिरा गाँव

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : कोसी नदी में लगातार बढ़ते जलस्तर से चौसा में बाढ़ की विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ के कारण आवागमन बहाल करने के लिए 18 नावों का परिचालन किया गया है। कई विद्यालय में पानी के प्रवेश करने के बावजूद अब तक विद्यालय को बंद नहीं किया जा सका है। शिक्षक एवं बच्चे जान हथेली पर रख कर नाव से विद्यालय आते हैं। पशुचारा का भी संकट पैदा हो गया है।

जलमगन गाँव
जलमगन गाँव

इन गांवों में बाढ़ का कहर 

बताया जाता है कि मोरसंडा पंचायत के मोरसंडा,अमनी,महादलित टोला करेलिया मुसहरी,श्रीपुर बासा,परवत्ता,सिढ़ो बासा,फुलौत पूर्वी पंचायत के करेल बासा,अनूपनगर नयाटोला,पिहोड़ा बासा,बड़ी खाल,बड़बिग्घी,फुलौत पश्चिमी पंचायत के झंडापुर बासा,पनदही बासा,घसकपुर,सपनी मुसहरी आदि गांवों के चारो तरफ बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी आने से गांवों का आवागमन ठप्प हो गया है। अब एक मात्र सहारा नाव बचा है।

स्कूल में बाढ़ का पानी
स्कूल में बाढ़ का पानी

विद्यालय में छुट्टी नहीं 

बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के विद्यालय में भी पानी प्रवेश कर गया है लेकिन विद्यालय में छुट्टी की घोषणा नहीं होने से बच्चे एवं शिक्षक जान की परवाह किये बिना अब भी विद्यालय आ रहे हैं। उत्क्रमित मध्य विद्यालय तियर टोला, उत्क्रमित मध्य विद्यालय सपनी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय अमनी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पन्दही बासा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मोरसंडा,नवसृजित प्राथमिक विद्यालय झंडापुरबासा, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय घसकपुर, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय करैल बासा, नवसृजित प्राथमिक पिद्यालय विहोड़ाबासा, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय करेलिया मुसहरी, नवसृजित प्राथमिक पिद्यालय विनोदनगर चिकनी, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रामचरण टोला में पानी प्रवेश कर गया है। बावजूद इसके विद्यालय को अब तक बंद नहीं किया जा सका है। बताया जाता है कि इन विद्यालयों में गर्मी के बदले बाढ़ की छुट्टी होती है जो आगामी 16 अगस्त से होगा। लेकिन समय से पूर्व पानी के बढ़ते जलस्तर से बच्चे एवं शिक्षक सशंकित हैं और उनकी जान पर बन आई है |

18 नावों का परिचालन

विद्यालय में घुसा पानी
विद्यालय में घुसा पानी

बताया जाता है कि तियर टोला और हाहाधार में अवागमन के लिए बने चचरी पुल के डूब जाने एवं पदेय बासा से धुमावती स्थान,बरीखाल से धुमावती स्थान,करेल बासा से एनएच 106,नवटोलिया से डाक बंगला चौक,पिहोरा बासा से डाक बंगला चैक तक की सड़क पानी में डूब जाने से फुलौत बाजार का भी संपर्क बंद हो गया है। आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए अब लोगों को काफी सोचना पड़ रहा है। आवागमन को बहाल करने के लिए अब तक 18 नावों का परिचालन किया जा चुका है लेकिन अब तक बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत एवं पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकी है। सबसे भयावह स्थिति पशुचारा की हो गई है। पशुपालक पानी में पशुचारा को लाने को मजबूर हैं।

चारा लाती महिलाएं
     चारा लाती महिलाएं

क्या कहते है अधिकारी 

अंचल अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों पर प्रशासन की पूरी नजर है। फिलहाल चिंता की कोई बात नही हैं। जिस गांव का आवागमन बाधित हुआ है वहां नाव का परिचालन किया जा रहा हैै। जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन लोग अब भी अपने -अपने घरों में हैं। कोई विस्थापित नहीं है। पशुचारा के लिए पशुपालन विभाग को लिखा गया है।