कोसी का कहर : लापरवाह अधिकारी कारवाई भुगतने को रहें तैयार – जिला पदाधिकारी

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मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : जिले के आलमनगर और चौसा प्रखंड के कई गांवो में बाढ़ की पानी प्रवेश कर चुका है। बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए जिला पदाधिकारी मु.सौहेल ने उदाकिशुनगंज परिसदन मे आपदा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की ।डीएम मु. सौहेल ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। क्षेत्र में पूरी सर्तकता बरतें। लापरवाह अधिकारी कार्रवाई भुगतने को तैयार रहें।

नाव ही एक मात्र साधन
नाव ही एक मात्र साधन
नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते जिलाधिकारी मु.सौहेल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करते जिलाधिकारी मु.सौहेल

क्षेत्र में पूरी सर्तकता बरतें -डीएम 

सदर अस्पताल के एसीएमओ को फटकार लगाते हुए डीएम ने कहा कि अस्पताल में डाक्टर सक्रिय नहीं रहते हैं। ऐसे में काम नहीं चलेगा। पशु चिकित्सकों से कहा गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहे। बाढ़ पीड़ितों के बीच अनाज के बदले पैसे वितरण करने का आदेश अंचलाधिकारी को दिया गया। डीएम ने कहा कि बाढ़ के कारण क्षेत्र में अवागमन की समस्या है। ऐसे में अनाज देना संभव प्रतीत नहीं हो रहा है। जरूरत के मुताबिक क्षेत्र में नाव चलाने की बात कही। संबंधित प्रखंड के अंचलाधिकारी ने कुछ जगहो पर नाव चलने की बात कही। वहीं बाढ़ क्षेत्र में महामारी फैलने की आशंका को लेकर भी चिकित्सकों को अलर्ट रहने को कहा गया।

गांव में घुसा पानी
 गांव में घुसा पानी

एसआरडीएफ की टीम को दो भागो

जिले में रह रहे एसआरडीएफ की टीम को दो भागो में बंटा गया है। एक टीम चौसा और दूसरा टीम आलमनगर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में कैंप करेंगे। वहीं एसआरडीएफ की टीम बोट के सहारे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में

गश्ती करेंगे। प्रभावितों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसका ख्याल रखने को कहा गया।

बैठक में डीएम के अलावा डीडीसी मिथलेश कुमार, एचडीएफसी के अधिकारी मुकेश कुमार, सदर अस्पताल के एसीएमओ, एसडीओ मुकेश कुमार, डीसीआरएल विनय कुमार सिंह आदि मौजूद थे।

जिलाधिकारी मु. सौहेल
जिलाधिकारी मु. सौहेल

बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा

बैठक के बाद डीएम चौसा के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का जायजा नाव से लिया ।डीएम ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के बाद अधिकारियों को साफ तौर पर निर्देश देते हुए कहा कि जरूररत का ख्याल रखे। किसी तरह की कोई कठिनाई ना हो।आपदा कभी पूछ कर नही आती है।बस सतर्क रहने की आवश्यकता है।लापरवाही किसी खतरे से कम नही होगी।

विधालय में बाढ़ का पानी
विधालय में बाढ़ का पानी

बाढ़ से समस्या 

बाढ़ को देखते हुए पशुपालक आपने मवेशियो को लेकर ऊँचे स्थान पर शरण लेने के लिए पलायन हो रहे है। ग्रामीणो छात्र छात्राओ को पढाई के साथ साथ आवागमण के बनाए गये चचरी पुल बाढ़ की पानी बह गया है। कई विद्यालय में पानी के प्रवेश हो जाने बच्चे एव शिक्षक जान हथेली पर रख कर विद्यालय आ रहें हैं। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों की आबादी के लिए आवागमण की सुविधा एक मात्र नांव पर टिकी है। लागातार हो रही वर्षा के कारण कोशी के जलस्तर में वद्वि हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ से निपटने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गयी है। इसी को लेकर लगातार अंचल प्रशासन बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर रहे है

अधिकारीयों को दिशा निर्देश देते जिलाधिकारी
अधिकारीयों को दिशा निर्देश देते जिलाधिकारी

बाढ़ की पानी से घिरे रहने के कारण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रो का दृश्य टापूनुमा हो गया है। सभी तरह के कार्य अब नांव से निपटाने के लिए ग्रामीणों  आवाजाही करना पड़ता है। कई गांवो में बाढ़ के पानी के कारण उन लोगो का जिन्दगी खानाबदोश की तरह अपने आप महसूस करते दिख रहे है। वहीं ईलाके के करीब दो दर्जन से अधिक गांवो की लोगो को अब सही तरीके से भोजन नही मिल पा रहा है।वे सत्तू और चुरा पर अपनी जिंदगी काट रहें हैं।मवेशियों के समाने भी चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसको लेकर किसान परेशान दिख रहें हैं |