मुर्दे की ज़िंदा वापसी : दो बार दाह-संस्कार के बाद घर वापसी की हैरतअंगेज कहानी !

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शंभू राम उर्फ ठक्कन अपने परिजन के साथ

सहरसा 🙁कुणाल ) :जिले के महिषी प्रखंड के राजनपुर रामटोली में तब अफरातफरी मच गई जब एकाएक तीन माह पूर्व मृत शंभू राम उर्फ ठक्कन अपने घर रविवार की संध्या जिन्दा लौट आया। शंभू को देखकर परिजन उसे भूत समझकर भागने लगे ।लेकिन इधर ठक्कन चिल्ला-चिल्ला कर कहता था की मैं मुर्दा नहीं जिन्दा शंभू हूं ।गांव के लोगों के जमा होने पर उसकी मां व घर के अन्य सदस्य सामने आए तब जाकर इस बात का खुलासा हुआ की जिस ठक्कन को मृत समझ कर परिजन श्मशान में पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार और श्राद्ध का भोज कर चुके हैं, वह शंभू सच में मरा नहीं था ।साक्षात शंभू सामने वह भी ज़िंदा खड़ा था ।इसके बाद वहां का माहौल गमगीन हो गया।शंभू की मां खोटया देवी व अन्य लोग शंभू से लिपटकर रोने लगे और वहां मौजूद लोगों की आंखें फिर नाम होती चली गयी ।

दो बार दाह–संस्कार के बाद घर वापसी की हैरतअंगेज कहानी  koshixpress

आश्चर्यजनक बात यह कि यह दूसरी बार था जब शंभू का दाह–संस्कार उसके घर वालों ने जिन्दा रहते हुए कर दिया था ।शंभू राम चालीस साल पहले दिल्ली काम की तलाश में गया था ।वहां रहते हुए इसने अपने पेशे (राजमिस्त्री)में खूब नाम व पैसा कमाया ।इसी दौरान उसकी शादी ललिया नामक लड़की से हुई और वो एक बेटी का बाप बन गया ।उसकी पत्नी व बेटी राजनपुर में ही रह रहे थे ।परिजनों के अनुसार लगभग 18 साल पहले शंभू दिल्ली से अधिक पैसे की लालच में कश्मीर कमाने के लिए चला गया ।उसके बाद उसका कोई पता नहीं चल पा रहा था ।दस साल तक घर के लोगों ने उसका इंतजार किया लेकिन जब वह नहीं लौटा तो उसके घर वालों ने उसे मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया । इधर इसकी पत्नी ने बेटी की शादी भी करवा दी और खुद भी दूसरे से शादी कर ली ।लेकिन वर्ष 2007 में अचानक ही शंभू अपने घर लौट आया ।इसके बाद वो अपने घर पर रहने लगा ।कुछ समय बीतने के बाद वो फिर काम की तलाश में दिल्ली चला गया ।

वर्षों बाद घर लौटकर,सबको किया हैरान

उसके परिजन बताते हैं की लगभग छह महीने पहले शंभू दिल्ली में अपने ही गांव के जमादार नसीम नामक ठेकेदार के पास काम कर रहा था । इसी दौरान लगभग तीन महीने पहले 28-29 अप्रैल को कार्यस्थल से वो गायब हो गया ।गायब होने के कुछ दिन बाद दिल्ली के अखबारों में सड़क हादसे में एक शख्स की मौत की खबर तस्वीर सहित छपी ।इस हादसे में उसे मृत मानकर ठेकेदार ने इसके घर वालों को सूचना दी ।सूचना पर दिल्ली पहुंच अखबार में समाचार देख उसके मौत की तस्दीक घरवालों ने खुद से की ।उसके बाद राजनपुर गाँव में परिजन ने हिन्दू कर्मकांड के साथ मृत शंभू का पुतला बनाकर 20 मई को दाह संस्कार कर दिया ।लेकिन एकबार फिर शम्भू मौत को धता बताकर सबके सामने हाजिर हो गया है ।जिस किसी भी कारण से हो।लेकिन शम्भु दो बार मरकर ज़िंदा हुआ है ।इलाके के लोग अचंभित और इसे ईश्वरीय चमत्कार बता रहे हैं ।फ़िलहाल शम्भू के परिजन के साथ–साथ गाँव के लोग भी काफी खुश हैं । जाको राखे सांइयाँ,मार सके ना कोई

news source– (दैनिक जागरण/सहरसा  )