कोसी का कहर : कई गांव बने टापू तो सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूबी !

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स्कूल में फैला बाढ़ का पानी

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : कोसी नदी में बढ़ते जल स्तर के कारण चौसा प्रखंड में बाढ़ का कहर जारी है। प्रखंड के फुलौत पूर्वी,फुलौत पश्चिमी,लौआलगान पश्चिमी एवं मोरसंडा पंचायत के निचले हिस्से में पानी के प्रवेश करने से कई गांवों का आवागमन बाधित सा हो गया है। यहां तक कि कई विद्यालयों में भी बाढ़ का पानी भी प्रवेश कर गया है जिससे बच्चे एवं शिक्षक मौत को हांथ में लेकर विद्यालय आते हैं। कोसी नदी में धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रह रहे लोगों की धड़कने तेज हो गई हैं और वे अपना नया ठिकाना ढ़ूढ़ने लगे हैं। पानी आने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है।koshixpress

बाढ़ का पानी प्रवेश
बताया जाता है कि मोरसंडा पंचायत के मोरसंडा,अमनी,महादलित टोला करेलिया मुसहरी,श्रीपुर बासा,परवत्ता,सिढ़ो बासा,फुलौत पूर्वी पंचायत के करेल बासा,अनूपनगर नयाटोला,पिहोड़ा बासा,बड़ी खाल,बड़बिग्घी,फुलौत पश्चिमी पंचायत के झंडापुर बासा,पनदही बासा,घसकपुर,सपनी मुसहरी आदि गांवों के चारो तरफ बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पानी आने से गांवों का आवागमन ठप्प हो गया है। अब एक मात्र सहारा नाव बचा है। तियर टोला और हाहाधार में अवागमन के लिए बने चचरी पुल के डूब जाने एवं पदेय बासा से धुमावती स्थान,बरीखाल से धुमावती स्थान,करेल बासा से एनएच 106,नवटोलिया से डाक बंगला चैक,पिहोरा बासा से डाक बंगला चैक तक की सड़क पानी में डूब जाने से फुलौत बाजार का भी संपर्क बंद हो गया है। आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए अब लोगों को काफी सोचना पड़ रहा है। कोसी हर साल अपनी विनाश लीला दिखाती है।

सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई

मुख्य कोसी नदी से छोटी बड़ी कई धाराएं निकली है जो कई गांवों को चारों ओर से घेरे हुए हैं। एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिए एक मात्र साधन नाव है। फुलौत के दक्षिण भाग से गुजरने वाली कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से छोटी-छोटी नदियां बाढ़ के पानी से भर गई है। बाढ़ आने से लोगों को अपना घर बार छोड़ कर अपने संबंधियों के यहां या फिर किसी ऊँचे स्थान पर रहना पड़ता है। इन क्षेत्रों में लगभग प्रत्येक घरों में कोई न कोई मवेशी भी पाले जाते हैं। पानी बढ़ने के साथ ही उनके चारे का संकट भी गहराने लगता है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सुलभ शौचालय नही होने के कारण प्रति वर्ष आधे दर्जन लोगों की मौत पानी में डूबने से हो जाती है। दूसरी ओर लौआलगान पूर्वी एवं पश्चिमी पंचायत के कई क्षेत्रों के निचले हिस्से में भी पानी का प्रवेश हो गया है। पानी आने से सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है।koshixpress

शिक्षक एवं बच्चे मौत को हांथ में लेकर विद्यालय आते हैं

बताया जाता है कि कोसी नदी में पानी आने से उत्क्रमित मध्य विद्यालय तियर टोला फुलौत,उत्क्रमित मध्य विद्यालय सपनी,प्राथमिक विद्यालय घसकपुर,झंडापुर एवं कन्या प्राथमिक विद्यालय फुलौत पूर्वी भी बाढ़ के पानी की चपेट में आ गया है। शिक्षक एवं बच्चे मौत को हांथ में लेकर विद्यालय आते हैं। इस बावत अंचल अधिकारी अजय कुमार बताते हैं कि फिलहाल चिंता की कोई बात नही हैं। जिस गांव का आवागमन बाधित हुआ है वहां नाव का परिचालन किया जा रहा है।

कोसी के रहमो करम पर जीते है लोग 

मालूम हो कि चौसा  प्रखंड की आधी आबादी कोसी नदी के रहमो करम पर जीते हैं। बाढ़ एवं समुचित सड़क व्यवस्था नहीं होने के कारण इन गांवों में पहुंचना टेढ़ी खीर है। नतीजतन छह माह तक इन गांवों से बेटियों की डोली तक नहीं उठती है। गांवों में शादी विवाह पर पूर्णतःब्रेक लग जाता है। यह स्थिति यहां की कोई नई नहीं है। यह स्थिति वर्षो से है। बरसात के दिनों में यहां के लोग या तो चचरी के सहारे या फिर नाव के सहारे ही जीते हैं। इन गांवों में मानसून की आहत के बाद से ही आवागमन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। कोसी नदी के उफान पर आते ही चौसा प्रखंड के कई गांव टापू का रूप धारण कर लेता है। और तो और गंभीर रूप से बीमार परिजनों को भी अस्पताल पहुचाना लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नही है।

शादी-विवाह पर पूरी तरह ब्रेक

आम तौर पर मई से लेकर जुलाई माह तक लग्न का मुख्य समय होता है। इन दिनों वृहत पैमाने पर शादी विवाह जैसे समारोह का आयोजन किया जाता है। लेकिन आवागमन की समस्या से त्रस्त इन क्षेत्रों में मई के बाद शादी-विवाह पर पूरी तरह ब्रेक लग जाता है। आवागमन की समस्या के कारण लड़का पक्ष द्वारा इस समय सीधे तौर पर शादी से इंकार कर देते हैं। जबकि बेटी पक्ष भी कोई संकट मोल लेना नहीं चाहता है। आवागमन की समस्या को लेकर सबसे अधिक परेशानी मोरसंडा पंचायत के मोरसंडा,अमनी,महादलित टोला करेलिया मुसहरी,श्रीपुर बासा,परवत्ता,सिढ़ो बासा,फुलौत पूर्वी पंचायत के करेल बासा,अनूपनगर नयाटोला,पिहोड़ा बासा,बड़ी खाल,बड़बिग्घी,फुलौत पश्चिमी पंचायत के झंडापुर बासा,पनदही बासा,घसकपुर,सपनी मुसहरी,लौआलगान पश्चिमी पंचायत के शंकरपुर,अभिरामपुर,चैसा पश्चिमी के पुनामा बासा गांव की है।