प्रशासनिक लापरवाही से बिजली विभाग को लग रहा है करोड़ों का चुना !

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सहरसा (ब्रजेश भारती) : जहां राज्य सरकार बिजली विभाग को चुस्त दुरूस्त करने के लिये कृतसंकल्प नजर आ रही है परन्तु विभागीय कर्मचारी से लेकर पदाधिकारीगण मात्र राजस्व वसूली कर अपना पीठ थपथपाने का काम कर रही हैं बिजली विभाग के सम्पती को होने वाले नुकसान पर किसी का ध्यान नही जा रहा हैं।प्रशासनिक लापरवाही कि वजह से विधृत तार का देखरेख के अभाव में चोर व अन्य लोग काट कर विभाग को करोड़ों रूपये का चुना लगा रहें हैं।

लाईन चालु नही रहने के कारण सिमरी बख्तियारपुर-सहरसा संरचन लाईन में लगे विधृत तार को चोर व अन्य लोग काट कर ले जा रहे हैं।

सिमरी बख्तियारपुर पावर ग्रिड को सहरसा ग्रिड से वर्षो से बिजली कि आपूर्ति कि जाती रही थी दिसंबर 14 में इस रूट के बीच 5 डीपी पोल का तार चोरों के द्वारा काट लिया गया उसके बाद इस रूट पर विधृत कि आपूर्ति बंद हो गई जिसके बाद इस रूट में लगे तार को अन्य लोग सहित चारों ने इस कदर काट कर वर्वाद कर दिया कि अभी मात्र 5 किलोमीटर ही तार पोल पर बचा हुआ है बाकी तार प्रशासनिक लापरवाही कि वजह से खोल लिया गया।चुकिं इस रूट में लाईन बंद रहने के बाद रौता रूट से लाईन कि आपूर्ति सिमरी बख्तियारपुर ग्रिड को होते रहा इसलिये इस रूट पर किसी पदाधिकारी ने ध्यान नही दिया जिनके कारण इस रूट में लगे तार बर्वाद हो गये। यहां बताते चले कि यह रूट करीब 25 किलोमीटर का हुआ करता था जो दिवारी स्थान के रास्ते सहरसा से सिमरी बख्तियारपुर पावर ग्रिड को आता था।

उपरोक्त बातों को गंभीरता से लेते हुये खगड़िया सांसद प्रतिनिधि हारूण रसीद ने एक पत्र जिलाधिकारी सहरसा सहित विभाग के वरीय पदाधिकारीयों को प्रेषित कर दोषी व्यक्ति को चिन्हित कर कार्यवाही करने कि मांग कि हैं। दिये गये पत्र में कहा गया है कि इस रूट में लगे तार कि किमत का अंदाजा इसी बात से लगाई जा सकती है कि जिस वक्त इस रूट में तार लगाया गया था उस वक्त लगे तार कि प्राक्कलन राशि करीब 1 करोड 68 लाख रूपये थी। पत्र में कहा गया कि जिस वक्त चोरों ने पांच डीपी का तार काटा था अगर विभाग के पदाधिकारी इस ओर ध्यान देकर कटे तार को पुन लगवा दिया होता तो विधृत आपूर्ति चालु हो जाती तो ये दिन नही आता।

इस संबंध में एसडीओं बिजली आलोक रंजन से पुछे जाने बताये कि चोरी के विरूद्ध थाने में मामला दर्ज करा कर वरीय पदाधिकारी को सुचित कर दिया गया हैं।