गंगा के जलस्तर में अचानक हुई बढोतरी,फोर लेन पुल निर्माण कार्य हुआ स्थगित !

2558

खगड़िया (मुकेश कुमार मिश्र ) : परबत्ता।प्रखंड के दक्षिणी छोर पर अवस्थित गंगा नदी के अगुवानी सुलतानगंज घाटों के बीच चल रहे फोर लेन पुल का निर्माण स्थगित हो गया है। कंपनी के स्थानीय अधिकारियों ने कर्मियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई बढोतरी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हो गयी है। विगत छ; महीने से तीव्र गति से चल रहे निर्माण कार्य पर अचानक ब्रेक लगता दिख रहा है।श्रीरामपुर ठुट्ठी स्थित एस पी सिंगला कंपनी के बेस केम्प में विगत कुछ दिनों से चहल पहल में कमी देखी जा रही है।koshixpress
दस पीलरों पर कार्य जारी

गंगा के जलस्तर में बढोतरी के बावजूद दस पीलरों पर निर्माण कार्य अभी भी जारी है।यह दस पीलर चारों तरफ से रिंग बाँध से सुरक्षित है।लेकिन भूगर्भीय जलस्तर बढने के पश्चात रिंग बाँध के अंदर भी जलसंग्रहण क्षेत्र बन जाता है।जब इस क्षेत्र में भी जलसंग्रह हो जायेगा तो यहाँ भी काम बंद हो जायेगा।वहीं जलस्तर बढने से पूर्व कुल 28 पिलरों पर कार्य चल रहा था। जबकि अभी तक में कुल तीन पिलरों का कार्य पूर्ण हो चुका है।
तीन माह का हुआ ब्रेक

गंगा का जलस्तर अचानक बढने से कार्य को तत्काल स्थगित करना पड़ा है।गंगा का पानी अचानक इतना बढा कि दियारा पर जाने के लिये बनाये गये स्टील पाइल ब्रिज पर तीन फीट पानी चढ गया है।वहीं अधिकांश पीलरों के निर्माण स्थल पर चारों तरफ पानी आ जाने से काम रोकना पड़ा।
निर्माण से मिलने लगा लाभ

पुल के निर्माण से स्थानीय लोगों को कई प्रकार का लाभ मिलना शुरु हो गया है।इलाके के दर्जनों लोगों के आवास को कंपनी को अधिकारियों एवं कर्मियों ने किराये पर ले लिया है।वहीं इलाके में इतनी बड़ी संख्या में पुल निर्माण में लगे कर्मियों के रहने के कारण कई प्रकार के अन्य रोजगार के अवसर खुले हैं।
भवन निर्माण हुआ सस्ताkoshixpress

प्रखंड में इस पुल निर्माण से कई प्रकार के फायदों के साथ साथ आम लोगों को अभी से ही फायदा मिलना शुरु हो गया है।दरअसल पुल निर्माण के क्रम में पीलर गाड़ने के लिये जो गड्ढा खोदा जा रहा है उसमें से उच्च कोटि का सफेद बालू निकल रहा है।स्थानीय लोग इस बालू का उपयोग घर बनाने के लिये करना शुरु कर दिया है।यह बालू लाल बालू की तुलना में काफी सस्ता पड़ता है।इससे गरीब लोगों के आवास निर्माण में काफी सहूलियत हो रही है।
कहते हैं प्रोजेक्ट डाईरेक्टर

पुल निर्माण के लिये जिम्मेदार एस पी सिंगला कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रोजेक्ट डाईरेक्टर ईं आलोक झा ने बताया कि गंगा की मुख्यधारा के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण निर्माण कार्य को रोकना पड़ रहा है।लेकिन रिंग बाँध के अंदर दस पिलरों पर कार्य अभी चल रहा है।जलस्तर बढने से पहले 28 पीलरों पर निर्माण चल रहा था।अभी 10 पिलरों पर काम जारी रहेगा।तीन पीलर का काम सम्पन्न हो चुका है। जलस्तर घटने के बाद फिर निर्माण कार्य आरंभ होगा।उम्मीद है कि दो महीनो के बाद जलस्तर में कमी आ जायेगी तब फिर से निर्माण कार्य शुरु हो जायेगा।
महत्वाकांक्षी है यह परियोजना

बिहार सरकार की इस परियोजना को काफी महत्वाकांक्षी माना जाता है।इस परियोजना की लागत का आरंभिक मूल्यांकन 1710.77 करोड़ किया गया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 23 फरवरी 2014 को परबत्ता के एम डी कॉलेज मैदान में इसका शिलान्यास किया था तथा 9 मार्च 2015 को मुरारका कॉलेज सुलतानगंज के मैदान से पुल निर्माण का कार्यारम्भ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया। इस पुल के निर्माण से उत्तर तथा दक्षिण बिहार के बीच का फासला काफी कम हो जायेगा।इसके अलावा प्रति वर्ष श्रावणी मेला में देवघर जाने वाले लाखों काँवरियों को इससे फायदा होगा।इस पुल तथा सड़क के निर्माण से एन एच 31 तथा एन एच 80 आपस में जुड़ जायेंगे।
क्या होगी पुल की विशेषता
 * फोर लेन पुल जिसमें दो- दो लेन का दो अलग-अलग पुल बनेगा      
 * गंगा की मुख्यधारा में पीलर की बजाय
 *केबुल पर झूलता हुआ पुल होगा 
 * बीच के दो पिलरों के बीच 125 मीटर की दूरी होगी।
 * पुल की कुल लंबाई -3160 मीटर
 * पुल का प्रकार – केबल स्टेड आधारित
 * इन्टेलीजेन्ट ट्रॉफिक प्रणाली
 * पहुँच पथ की लंबाई-25 कि मी 
 * डॉल्फिन वेधशाला
 * पुल प्रदर्शिनी एवं रेस्ट एरिया
 * प्रकाश प्रणाली
 * व्हेकिल अंडरपास
 * रोटरी ट्रॉफिक
* 4×4 टॉल प्लाजा
 * पेसेन्जर अंडरपास