बाढ़ के मद्देनजर जिला प्रशासन सजग !

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पानी से घिरा गांव

मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : कोसी नदी में धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ने से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में रह रहे लोगों की धड़कने तेज हो गई है। वे अपना नया आशियाना बसाने की सोंचने लगे हैं। फिलहाल पानी का प्रवेश निचले स्तर पर है। चौसा में बाढ़ को लेकर अंचल प्रशासन काफी गंभीर है। पानी बढ़ने के साथ ही अंचल प्रशासन द्वारा चोकसी बढ़ा दी गई है और प्रखंड कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर कर्मचारियों को पदस्थापित कर दिया गया है।

मालूम हो कि चौसा प्रखंड के सात पंचायत में कोसी हर साल अपनी विनाश लीला दिखाती है। मुख्य कोसी नदी से छोटी बड़ी कई धाराएं निकली है जो कई गांवों को चारों ओर से घेरे हुए हैं। एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिए एक मात्र साधन नाव है। फुलौत के दक्षिण भाग से गुजरने वाली कोसी नदी के जल स्तर में वृद्धि होने से छोटी-छोटी नदियां बाढ़ के पानी से भर गई है। बाढ़ आने से लोगों को अपना घर बार छोड़ कर अपने संबंधियों के यहां या फिर किसी ऊँचे स्थान पर रहना पड़ता है। इन क्षेत्रों में लगभग प्रत्येक घरों में कोई न कोई मवेशी भी पाले जाते हैं। पानी बढ़ने के साथ ही उनके चारे का संकट भी गहराने लगता है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सुलभ शौचालय नही होने के कारण प्रति वर्ष आधे दर्जन लोगों की मौत पानी में डूबने से हो जाती है। पिछले दिन जिला पदाधिकारी के फुलौत दौड़े के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने शौचालय नही होने की शिकायत की। जिला पदाधिकारी मु0सौहेल ने कहा कि आपलोग अपने-अपने घर में शौचालय बनवायें और इसकी फोटो के साथ आवेदन अनुमंडल कार्यालय में जमा करें। आवेदन जमा करने के बाद वहां से आपको बारह हजार रूपये मिल जायेंगे।koshixpress

जिला प्रशाशन गंभीर

चौसा प्रखंड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यो के लिए कई दल का गठन किया गया है। बाढ़ को देखते हुए गोताखोर दल का गठन किया गया है। प्रखंड सूत्रों के अनुसार गोताखोर दल में लौआलगान के अरूण कुमार साह,राजकिशोर साह,क्रांति सिंह,बिपीन कुमार सिंह,निरंजन कुमार सिंह,सुदामाकान्त सिंह को शामिल किया गया है। जबकि खोज बचाव दल में फुलौत पूर्वी के अशोक मिस्त्री,पंकज रजक,गणेश यादव,रमेश यादव,माघो यादव,फुलौत पश्चिमी के जयनारायण मेहता,पुलिया मेहता,विनोद मेहता,रविन्द्र मेहता,अंकित मेहता,मोरसंडा के पंकज कुमार,शंभू राम,दिनेश सिंह,बाबूलाल सहनी,रंजीत मुनी और लौआलगान के इन्दल महतो,अरविन्द सिंह,मु0शोकत,चुल्हो सिंह और मु0मिलाजल को शामिल किया गया है। इसके अलावे फुलौत पूर्वी के आठ,फुलौत पश्चिमी के नौ,मोरसंडा के सात,लौआलगान पूर्वी के दो,लौआलगान पश्चिमी के चार और चिरौरी के एक स्थानों में नाव परिचालन के लिए स्थान को चयनित किया गया है। पानी बढ़ने के साथ नाव परिचालन किया जा सके ताकि आवागमन बाधित ना हो। नाव परिचालन के लिए 31 नाविकों का भी चयन कर लिया गया है। इसके अलावे 410 पाॅलीथिन शीट्स,52 लाईफ जैकेट,25 टेंट को सुरक्षित रख लिया गया है।

अंचल अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों पर अंचल प्रशासन की पैनी नजर है। बाढ़ आने के पूर्व ही अंचल प्रशासन ने सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली है। यदि किसी भी तरह का खतरा बढ़ता है और उस स्थिति में बाढ़ आती है तो जिला प्रशासन आपदा विभाग की ओर से जानमाल को बचाने को लेकर हर तरह की समस्याओं से निबटने की तैयार की है।