साहित्य अकादेमी दिल्ली में अरविन्द श्रीवास्तव करेंगे कविता पाठ !

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सहरसा (kx डेस्क) :देश की प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के रवीन्द्र सभागार में कोसी के चर्चित कवि सम्प्रति सहरसा निवासी डा. अरविन्द श्रीवास्तव का काव्य-पाठ 8 जुलाई को संध्या 6 बजे से होगा। इस अवसर पर देश के तीन अन्य भाषाओं- सिंधी, बांग्ला व मैथिली के एक-एक कवि होंगे। साहित्य अकादेमी के घोषणानुसार कवि अरविन्द श्रीवास्तव का चयन बतौर हिन्दी कवि के रूप में किया गया है जो रचना-पाठ करेंगे। कवि अरविन्द को मिले इस सम्मान से कोसी क्षेत्र के रचनाकारों ने हर्ष व्यक्त किया है। समकालीन हिन्दी कविता में कवि अरविन्द का सशक्त हस्तक्षेप वर्षों से रहा है।koshixpress

8 जुलाई को करेंगे कविता पाठ

शीर्ष साहित्यिक पत्रिकाओं सहित इंटरनेट जगत में भी इनकी कविताओं को प्रतिष्ठा मिली है। विश्व प्रसिद्ध ’कविता कोश’ पर इनकी सौ से अधिक कविताएं पढ़ी जा सकती है। लोकधर्मी एवं जनपक्षीय भावना से प्रेरित इनकी कविताओं की पुस्तक प्रकाशित हो चूकि है। कवि अरविन्द अपनी एक अन्य कविता में कहते हैं- आखिर यह देह भी पंचतत्व में विलीन हो जायेगी इस देह को अपने कर्मों की सजा मिलेगी… प्रेम के अलावे मैंने कोई गुनाह नहीं किया। कवि की समकालीनता वर्तमान यथार्थ से अक्सर संघर्ष करती है जिसके दायरे में उनका प्रेम भी है- मैं तुम्हारे लैपटॉप का रिसाइकल बिन नहीं था.. फिर भी धकिया कर धकेल दिया तुमने मेरे अंदर दुनिया भर का दर्द छ्टपटाहट और बेचैनी। कवि की वेदना व समसामयिकता यहां निखर उठती है।koshixpress

साहित्यिक पत्रिकाओं सहित इंटरनेट जगत से जुड़े है 

अरविन्द श्रीवास्तव की मुख्य कृतियां राजधानी में एक उजबेक लड़की, एक और दुनिया के बारे में एवं अफसोस के लिए कुछ शब्द राजभाषा विभाग-मंत्रिमंडल सचिवालय, बिहार सरकार से प्राप्त आर्थिक अनुदान से प्रकाशित कविता कभी मरेगी नहीं, कैद हैं स्वर सहित कई कृतियां रही है। ’राजधानी में एक उजबेक लड़की’ की इधर विशेष चर्चा रही है। इस संग्रह के बारे में अरविन्द बताते हैं कि- इस संग्रह का लोकार्पण दिल्ली विश्वविधालय के सभागार में उज्बेकिस्तान की एक लड़की- डा. मोहय्या अब्दुर्रहमान ने किया था। पुस्तक का आवरण उजबेक चित्रकार एवं ग्रैण्ड प्रिक्स एशिया-आर्ट पुरस्कार प्राप्त- तिमूर आख्मेदोर ने तैयार किया था। संग्रह की कविताएं विश्व स्तर पर चर्चित रही हैं। कवि अरविन्द को संपादन और संयोजन का भी खासा अनुभव रहा है। हिन्दी, उर्दू एवं मैथिली की पुस्तकों एवं पत्रिकाओं में इनके रेखांकन- आवरण प्रकाशित हुए हैं। विश्व की कई भाषाओं में इनकी रचनाओं का अनुवाद भी हुआ है।

आकाशवाणी एवं दूरदर्शन व स्थानीय चैनलों से काव्य व आलेख पाठ का इन्हें अवसर मिलता रहा। स्थानीय स्तर पर कई सम्मान सहित इन्हें सह्स्राब्दी विश्व हिन्दी सम्मेलन, नई दिल्ली में सम्मानित किया गया, हिन्दी ब्लॉग प्रतिभा सम्मान उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री रमेश पोखरियाल ’निशंक’ एवं कवि अशोक चक्रधर द्वारा हिन्दी भवन, नई दिल्ली में प्रदान किया गया। वहीं केदारनाथ अग्रवाल जन्मशती साहित्य सम्मान, तस्लीम परिकल्पना सम्मान, कवि मथुरा प्रसाद गुंजन स्मृति सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। अनेक प्रसारण केन्द्रों- रेडियो बर्लिन इन्टरनेशनल, रेडियो ताशकंद, रेडियो बुडापेस्ट आदि द्वारा पुरस्कृत होना भी इस कवि की प्रतिभा व विराटता को दर्शाता है।koshixpress

कोसी क्षेत्र के वरिष्ठ इतिहासकार एवं साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव ’शलभ’ के सुपुत्र कवि अरविन्द श्रीवास्तव ने बातचीत में बताया कि धरती पर कबीर, मीर, ब्रेख्त व पिता मेरे प्रेरणाश्रोत रहे हैं। मैं इनकी परछांइयों में अपना काम करता रहूंगा और विश्व साहित्य में कोसी क्षेत्र की गरिमामय उपस्थिति को रेखांकित करता रहूंगा।

शशि सरोजनी रंगमंच सेवा संस्थान के संरक्षक कवि डाॅ. अरविन्द श्रीवास्तव के चयन पर संस्थान के रंगकर्मियों ने हर्ष जताते हुए कहा कि इन्होंने हमेशा से अपनी प्रतिभा को सीमित न रख छोटे-बड़े रंगकर्मियों के साथ अपनी उपलब्धियों को साझा करते रहे है और इनका मार्ग दर्शन भी हमें प्राप्त होता रहा है।

(शशि सरोजनी रंगमंच के सचिव  Bandan Kumar Verma से प्राप्त खबर )