सुशासन में लोकतंत्र की हत्या हो रही है -चेतन आनंद

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पत्रकार वार्ता में चेतन आनंद

सहरसा (कुणाल किशोर) : बिहार में त्रि-स्तरीय पंचायती राज चुनाव सिर्फ मखौल बन कर रह गया है,लोकतंत्र के सबसे अहम् इकाई में अनियमिता,धांधली,पक्षपात की सभी हदे तोड़ कर शासन-प्रशासन ने अपनी ताकत दिखाते हुए लोकतंत्र का सरेआम जनतंत्र का गला घोट देने का कार्य किया |कोसी क्षेत्र का आलमनगर,गम्हरिया हो या कहरा इसका जीता जगता उदहारण है | यह बानगी सिर्फ कोसी प्रमंडल का नही बल्कि पुरे बिहार का यही हाल है की जीते हुए प्रतिनिधि जीत के बाद भी पराजित घोषित किए जा रहे है,मेरी समझ से जब यह ही करना था तो बेहतर होता कि वरीय पदाधिकारी पंच से लेकर मुखिया,प्रमुख,जिला परिषद अध्यक्ष तक की बोली लगाकर नीलाम कर देते तो राज्य सरकार के खजाने में राजस्व की बढ़ोतरी भी हो जाती और सरकार द्वारा शराबबंदी से हुए हानी की भी क्षति-पूर्ति हो जाती | उक्त बाते हम छात्र के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद ने फ्रेंड्स ऑफ आनंद के सहरसा स्थित कार्यलाय पर पत्रकारों को बात-चित में कहा | पूर्व सांसद आनंद मोहन के पुत्र हम छात्र नेता श्री आनंद ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा की पंचायत चुनाव में निर्वाचन आयोग के नियमों को ताक पर रखते हुए स्थानीय पदाधिकारियों ने स्थानीय नेताओ के दबाब में आकर सफेद को स्याह और स्याह को सफेद करने का काम किया है | श्री आनंद ने कहा कि कहरा प्रखंड प्रमुख चुनाव में जीत के करीब वोट होने के बाद भी सदर एसडीओ जहांगीर आलम द्वारा पक्ष-पात करने का नंगा नांच कर पंकज सिंह को मिले 10 मतों के बाद भी एक मत को अवैध मानकर जबरन लौटरी और टॉस कर हराया गया | श्री आनंद ने इस चुनावी  प्रिक्रिया पर प्रशन चिन्ह खड़ा करते हुए कहा की चुनाव आयोग से नियमो की पारदर्शिता को सरे-बजार करते हुए इस प्रिक्रिया से लोक तंत्र के मजबूत खम्भे पत्रकारों को भी इस प्रकरण से दूर रखते हुए हारे हुए प्रत्याशी को जीत दिलाने का काम किया गया |

पत्रकार वार्ता में कहरा प्रखंड प्रमुख में मत का उपयोग करने वाले सदस्य पंकज कुमार सिंह अमर पुर,सुभाष चन्द्र मिश्रा चैनपुर,बुद्धिनाथ झा चैनपुर,संजीव कुमार खां परडी,रणजीत भगत,हीरा शंकर झा बनगाव,सहित अन्य समिति सदस्य मौजूद थे |

पत्रकार वार्ता में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के जिला अध्यक्ष  बबलू सिंह,शम्भू सिंह मुख्यमंत्री,राजन आनन,डिग्री सिंह,रजनी बाला,सरोज सिंह सहित दर्जनों फ्रेंडस ऑफ आनंद के कार्यकर्त्ता मोजूद थे | समाचार प्रेषण तक प्राप्त जानकारी अनुसार इसके विरोध में एक-दो दिनों में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम का आयोजन किया गया है |