सरकार की गलत शिक्षा नीति के चलते बिहार के शिक्षक और शिक्षा दोनों का अस्तित्व संकट में !

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सुपौल : पूर्ण वेतनमान,ससमय वेतन भुगतान,ईद से पूर्व लंबित वेतन का भुगतान,सेवा शर्त का प्रकाशन,ऐच्छिक स्थानांतरण,अप्रशिक्षित शिक्षकों को एक साथ प्रशिक्षण की व्यवस्था,अप्रशिक्षित शिक्षकों को ग्रेड पे का लाभ,ससमय पाठ्य-पुस्तक की उपलब्धता,समान शिक्षा प्रणाली लागू करने,शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्य से मुक्त करने,सभी विद्यालयों में छात्र अनुपात में शिक्षक और कमरा की व्यवस्था,कम्प्यूटर शिक्षा की व्यवस्था आदि को लेकर बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ,जिला इकाई सुपौल की बैठक जिला अध्यक्ष पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में विलियम्स उच्च विद्यालय में सम्पन्न हुआ।बैठक को सम्बोन्धित करते हुए जिला अध्यक्ष ने सरकार पर शिक्षा और शिक्षक को तबाह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की गलत शिक्षा नीति के कारण जहाँ नये सत्र के तीन माह बीत जाने के बाद भी बच्चों को किताब नही मिल सका,वही चार माह से शिक्षकों को वेतन नही देकर शिक्षकों को मानसिक और आर्थिक रुप से प्रताड़ित किया जा रहा हैं।बोले कि सरकार सस्ती लोकप्रियता के चले मध्य विद्यालय को उत्रक्रमित कर उच्च विद्यालय तो तीन साल पूर्व ही बना दिया लेकिन अभी तक शिक्षक नदारद है,ऐसे में बच्चे बोर्ड परीक्षा में किया लिखे। बोले कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के नाम पर जहाँ पदाधिकारी शिक्षकों का आर्थिक दोहन कर रहे,वहीं शिक्षा कार्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बना हुआ है।कोई भी कार्य बिना घूस का नही हो रहा हैं ।शिक्षामंत्री ने बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के शिष्टमंडल से सेवा शर्त प्रकाशन हेतु तीन माह का समय लिया था लेकिन 09 माह बीत जाने के बाद भी सेवा शर्त का प्रकाशन नही हो सका है जो शिक्षकों के प्रति सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।बोले कि सेवा शर्त सहित अन्य समस्याओं का समाधान जुलाई में नही किया गया तो एक बार फिर बिहार के शिक्षक अपने जायज माँगों को लेकर सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होगा।साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी को ईद से पूर्व वेतन भुगतान करने को कहा।

इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष रोशन कुमार,जिला संयुक्त सचिव मुनेश्वरजी,जिला कोषाध्यक्ष अनिल कुमार,प्रखण्ड अध्यक्ष नीरज कुमार,प्रखण्ड उपाध्यक्ष एहतेशामूल हक,नगर संयोजक निसार अहमद,नगर संयुक्त सचिव मिन्तुल्ला,संजीव सिंह,शहनवाज अख्तर,मो इमरान आदि मौजूद थे।