अब डी आई जी से भी मांगी रंगदारी……

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डीआईजी (फोटो फाइल )

सहरसा (कुणाल किशोर) : बिहार में बेलगाम हो चूके अपराधियों का कहर अब पुलिस के आलाधिकारी के चौखट तक पहुंच चुका है। बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर जहां कारोबारी से लेकर जज,डॉक्टर, इंजीनियर, नेता,  तक खौफ के साए में जी रहे थे। वहीं अब अपराधियों का कहर सुरक्षा देने वाले के पास तक पहुंच चुका है। ताजा मामला बिहार के सहरसा का है। बेखौफ अपराधियों ने कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चन्द्रिका प्रसाद से 20 लाख की रंगदारी मांगी है। रंगदारी की मांग उनके मोबाइल पर धमकी भरे फ़ोन के जरिए किया गया।tiah_SECVPF

  • हेल्लो-हेल्लो डी आई जी चन्द्रिका प्रसाद बोल रहे हो … 20 लाख रंगदारी दो नही तो बम से उड़ा देंगे 

साथ ही रंगदारी की रकम नहीं देने पर उनकी और उनके परिवार की हत्या करने की धमकी भी दी गई है। इस तरह की धमकी भरी कॉल मिलने के बाद डीआईजी चन्द्रिका प्रसाद ने सहरसा एसपी अश्वनी कुमार,दरभंगा प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक एवं  पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) पटना को मामले की जानकारी दी। मामले की जानकारी मिलते ही एसपी के निर्देश पर सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जून के दिन ही रंगदारी की मांग की गयी थी |-rangdari

  • काला चश्मा वाला  ब्रह्मदेव का बेटा गाँधी जी बोल रहा हूँ …….

कोसी प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) चन्द्रिका प्रसाद ने अपने आवेदन के जरिए कहा कि गत 24 जून के दोपहर करीब 2 बजे के आस-पास  उनके निजी न० पर एक कॉल  आया | यह कॉल 8826757488 नंबर से आया था। फोन करने वालों ने अपना नाम यु०पी से आजम खान बताते हुए मेरे निजी जीवन के बारे में चर्चा करने लगा। साथ ही धमकी देने वाले ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए 20 लाख रूपए की मांग की और नही देने पर बम से उड़ा देने की बात कहते हुए फ़ोन रख दिया |

कभी आजम तो कभी गाँधी बन कर मांगी रंगदारी ….

लेकिन बिहार के बदले निजाम में जिनके जिम्मे अपराधियों को दबोचने की कमान है,अपराधी अब उनसे ही रंगदारी मांगने लगे हैं ।सदर थाने में काण्ड अंकित कर,इस मामले का अनुसंधान प्रारम्भ किया गया ।लेकिन इस मामले की भनक किसी को नहीं लगी ।पुलिस ने अभी तक जो जानकारी इकट्ठी की है यह बताना लाजमी नही  है |

ना आजम ना गाँधी, सीडीआर के मुताबिक़ ये है …दिल्ली का शेष यादव 

लेकिन हमें जो सूत्रों के हवाले से जानकारी मिल रही है वह यह है की सीडीआर के मुताबिक़ दिल्ली के शेष नारायण यादव नाम के अपराधी ने डीआईजी से रंगदारी की मांग की है ।अब बड़ा सवाल यह है की जब पुलिस के पास साक्ष्य उपलब्ध हैं तो फिर पुलिस शेष नारायण को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है ।डीआईजी ने हमसे बात करते छूटे रंगदारी मांगे जाने की बात की पुष्टि की लेकिन अनुसंधान कहाँ तक पहुंचा है,इस पर चुप्पी साध ली ।

हमारे पाठक इस रंगदारी की घटना से इतना तो समझ ही सकते हैं की बिहार आखिर किस राह पर है ।इस प्रांत में अब पुलिस वालों की भी खैर नहीं ।अब इस राज्य में सुशासन है या फिर गुंडाराज……जनता जनार्दन खुद से तय करे ।”हम कुछ बोलेंगे,तो बोलेंगे कि बोलता है” ।लेकिन हम जो बोलते है, वो सच बोलते है |