18 माह बाद भी नही सुलझ सका शाखा प्रबंधक हत्याकांड !

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मधेपुरा (संजय कुमार सुमन) : मुख्यमंत्री सहित राज्य के आला अधिकारी संगीन मामलों को लेकर हमेशा स्पीडी ट्रायल चला कर अनुसंधान एवं दोषियों को सजा दिलाये जाने की बात तो करते हैं लेकिन मधेपुरा के चौसा प्रखंड के उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक लौआलगान के शाखा प्रबंधक बीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या के 18 माह बीत जाने के बावजूद अब तक ना तो हत्या के कारणों का पता चल पाया है और ना ही हत्यारों का। पुलिस कांड का उद्भेदन करने में नाकाम साबित हो रही चौसा पुलिस अब भी अंधेरे में ही तीर चला रही है। हालांकि पुलिस कहती है कि अनुसंधान चल रहा है।3 isi me ki gi htya

क्या है मामला ……

मृतक शाखा प्रबंधक (फाइल फोटो)
मृतक शाखा प्रबंधक (फाइल फोटो)

मालूम हो कि बीते 12 नवम्बर 2014 को उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक बीरेन्द्र कुमार सिन्हा की हत्या गला दबा कर बैंक के दूसरी मंजिल के छत पर कर दी गई थी। हत्या के बाद पुलिस ने शक के आधार पर आधे दर्जन लोगों को हिरासत में लेकर पुछताछ किया लेकिन कोई निष्कर्ष नही निकल पाया और हिरासत में लिये गये लोग बारी-बारी से छूटते चले गये। घटना के 18 माह बीत गये लेकिन अब तक हत्या का उद्भेदन नही हो पाया। पुलिस अनुसंधान के दौरान हत्या को कई रंग देकर मामले को मोड़ना चाह रही है। हत्या के कारणें का ना तो अब तक खुलासा हो पाया और ना ही हत्यारों का पता चल पाया। पुलिस अंधेरे में ही अब तक तीर चला रही है। अब तक हत्या के खुलासे नही होने से आम लोगों में तरह-तरह की चर्चायें होना प्रारंभ हो गई है।यह हत्याकांड पुलिस को भी परेशान कर रखी है। पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नही मिल पाया है। पुलिस यह विश्वास दिलाती है कि हत्याकांड का उद्भेदन किया जा चुका है। यदि घटना का उद्भेदन किया जा चुका है तो पुलिस उन अपराधियों को अब तक क्यों नही गिरफ्तार कर पाई है जो इस घटना में शामिल है।11-murder-knife-600

यह एक रहस्यमय सवाल है….
चौसा पुलिस बराबर कहती है कि हत्याकांड की जांच तीव्र गति से की जा रही है। हत्या के समय घटना स्थल से मिली शाखा प्रबंधक के मोबाईल से काँल डिटेल्स निकाल कर अनुसंधान किया जा रहा है। प्रगति के बारे में पूछे जाने पर वे बताते है कि घटना के हरेक विन्दुओं पर पुलिस जाँच पड़ताल कर रही है। दूसरी और मृतक के परिजन भी इस हत्या को लेकर कई बार पुलिस अधीक्षक मधेपुरा एवं मानवाधिकार आयोग को प़त्र भेजा लेकिन अब तक कोई भी सकारात्मक पहल नहीं हो पाई।

चौसा थाना अध्यक्ष
चौसा थाना अध्यक्ष

घटना के बावत थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह कहते हैं कि मनैजर हत्याकांड का मामला एस आर केस है। इस केस का पर्यवेक्षण उच्च पदाधिकारी के द्वारा ही किया जाना है।

क्या कहते है पुलिस कप्तान…..
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार कहते हैं कि इस घटना के बारे में मुझे विस्तृत जानकारी नहीं है। घटना का उद्भेदन अब तक क्यों नहीं हो पाया है। यह जांच का विषय है। इस संदर्भ में पदाधिकारी से बात कर फाईल का अवलोकन किया जायेगा।4 wilap krte PRIJN

मृतक की पत्नी बीणा सिन्हा कहती हैं कि मेरा सुहाग उजड़ गया। मैं विधवा हो गई। घटना के इतने दिनों के बाद भी अब तक रहस्य बना हुआ है कि मेरे पति की हत्या किसने की।

अनसुलझा सवाल 
बहरहाल जो भी हो इस हत्याकांड के सुस्त अनुसंधान को लेकर पुलिस की किरकिरी तो हो ही रही है। अब अनुसंधान एवं साक्ष्य को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं। मामला के उद्भेदन का इंतजार आमलागों को भी है कि आखिर मनैजर की हत्या किसने और क्यों की। लेकिन घटना का उद्भेदन कब तक होगा यह सवाल लोगों के मन को साल रहा है। अब तो आने वाला समय ही बता पायेगा कि हत्या किसने और क्यों की। फिलहाल यह समय के गर्भ में है।