प्रशासन के नाक नीचे हो रहा खेल,प्रशासन सिंडिकेट के सामने पूरी तरह फेल……

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अररिया (हरेन्द्र कुमार)- जिलों  में इन दिनों प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों का बिक्री बेरोक टोक जारी है | शहर के हर चौक-चौराहो पर कोई न कोई लॉटरी टिकट बेचने वाले जरुर मिल ही जाते है खासकर चाय,नास्ता की दुकान पान की दुकान एवं होटलों के पास, हॉस्पिटल रोड, शुभाष चौक, पटेल चौक, बस स्टेण्ड, पोस्ट ऑफिस चौक, रजिस्ट्री ऑफिस, कोठी हाट चौक पर लौटरी टिकट बेचने वाले एवं खरीदने वाले का जमावड़ा लगा रहता है |

जहाँ शराब बंदी होने पर आम लोगों और शराबियों को एक तरफ राहत मिला है वहीँ दूसरी तरफ जुआ और लॉटरी का खेल अब शहर से लेकर गांव तक खास कर कमजोर वर्ग के लोगों को अपने आगोश में ले लिया है | जिससे कई लोगों के घर तबाह हो रहें है खास कर ऑटो चालक, रिक्शा चालक दिन में ढाई सौ से तीन  सौ तक तो कमा लेता है मगर लॉटरी की इस गलत आदत से दिन का कमाया रूपया आधा-अधूरा ही घर तक पहुँच पाता है | इन दिनों प्रतिबंधित लॉटरी टिकटों की बिक्री रोजाना लाखों की है इससे साफ जाहिर होता है की इसमें एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है कई बड़े लोग इस गौरख धंधे के  खेल में शामिल है जबकी प्रशाशन की गाड़ी इन सभी सड़कों एवं चौक चौराहों से गुजरता है लेकिन वे भी इस खेल से अनजान बने हुए हैं |

Lottery Photo
सिंडिकेड के सामने प्रशासन वेबस व् लाचार नजर आता है।उसी की नाक के नीचे ये खेल होता रहता है और प्रशासन आँख मूंदकर मूक सहमति प्रदान किये रहती है।सिंडिकेट का जिले पर कुछ इस कदर कब्ज़ा है की जिले के आला अधिकारी उनको छुने की हिमाकत नही करते। जिससे प्रशासन मुँह मोड़ते नजर आ रहे है। वही सूत्रों की माने तो सिंडिकेड ने जिले के आलाधिकारियों को भी बराबर का हिस्सेदार बनाया है।

प्रशासन चाहे लाख दावे करे या अपने हाथ से अपनी ही पीठ ठोके परंतु हकीकत कुछ और ही है।जिसके कारण सिंडिकेड के नुमाइंदे प्रतिबंधित लॉटरी से करोडो कीधंधा कर रहे है |