अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर कई जगहों पर कार्यक्रम आयोजित !

Kunal Kishor
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मधेपुरा/चौसा(संजय कुमार सुमन):अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रखंड कार्यालय चौसा के शिव मंदिर परिसर में सामाजिक शैक्षणिक कल्याण संघ,पतंजलि योग पीठ और गायत्री परिवार के संयुक्त बैनर तले योग शिविर का आयोजन किया गया । जिसका उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने कहा कि आज के समय में लोगों का जीवन काफी व्यस्त हो गया है। खान पान से लेकर हवा तक प्रदूषित हो गयी है इसमें लोग बीमारी से ग्रस्त होते जा रहे हैं। इसके लिए योग का नियम काफी कारगर साबित हो रहा है। हमसब विश्वयोग दिवस मनाने जा रहे हैं। इसमें नियमित योग अभ्यास ना केवल लोगों को चुस्त-दुरुस्त रखता है बल्कि नैतिक साहस भी बढ़ाता है।WhatsApp-Image-20160621 (2)

योगाचार्य अवधेश कुमार मंडल ने कहा कि तीस मिनट का आसन, बीस मिनट का प्रणायाम, पांच मिनट का ध्यान और पांच मिनट का सुक्ष्म क्रिया का अभ्यास करने से डॉक्टर के पास जाने की जरुरत नहीं पड़ेगी। योग महज व्यायाम नहीं है बल्कि यह आत्मा से परमात्मा को जोड़ने की विधि है।उन्होंने कहा कि इसे प्राकृतिक परिवेश में करने से आधिक लाभ मिलता है। प्राणायम के माध्यम से 70 फीसद वायु अंदर ली जाती है। कपालभात्ति, अनुलोम-विलोम, नारी शोधन और अग्निसार ऐसे प्राणायाम रक्त संचार ठीक होता है। इससे मोटापा नहीं बढ़ता है। योग का लगातार 16 वर्षों से अभ्यास करने वाले गोपाल साह बताते हैं कि यह महज व्यायाम नहीं है। इसलिए इसे नियमपूर्वक और योगाचार्य के निरीक्षण में करना जरुरी है। इसके लगातार अभ्यास से कई बीमारियों से निजात मिल सकती है और नैतिक बल भी बढ़ता है।

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योगाचार्य श्री मंडल ने बताया कि वे स्वयं कई सालों से हृदय रोग से परेशान थे। पांच साल पहले उनकी स्थिति काफी खराब थी। कई सालों से वे कमर दर्द से परेशान थे। श्री मंडल बताते हैं कि वे अपने इलाज के लिए डॉक्टरों के चक्कर लगा-लगा के निराश हो चुके थे। उन्होंने अपना इलाज पूर्णिया के अलावा सिलीगुड़ी और पटना में भी कराया लेकिन कहीं से भी उन्हे आराम नहीं मिल रहा था। डॉक्टरों ने उन्हे आपरेशन की सलाह दी थी। उसी दौरान ही श्री मंडल एक योगाचार्य के संपर्क में आये। योगगुरु ने उन्हे आसन करने की सलाह दी। उनके बताये आसन का उन्होंन अभ्यास शुरु किया। शुरु में उन्हे काफी परेशानी होती थी लेकिन सप्ताह -दस दिन के आसन के बाद उन्हे थोड़ी राहत मिलने लगी। सूर्य नमस्कार, नौका आसन समेत कई आसन का नियमित करने से उन्हे कुछ ही समय में कमर दर्द से मुक्ति मिल गयी है। अभी वे एक घंटे का नियमित योगाभ्यास करते हैं। पिछले पांच सालों से नियमित योग कर रहे हैं।

आसन से होने वाले लाभyoga-day-on-21-june-2015

  • ताड़ आसन से बच्चे का कद बढ़ता है।
  • पढ़ाई में ध्यान लगाने व अच्छी याददाश्त के लिए भ्रमरी प्रणायम उपयोगी है।
  • मोटापा कम करने व पाचन क्रिया को ठीक रखने के लिए अग्नीसार आसन करना चाहिए।
  • सुबह शहद के साथ पानी पीने के बाद योग करने से मोटापा व वजन बढ़ता है।
  • सुबह गुनगुने पानी में शहद पीकर योग करने से मोटापा कम होता है।

किस रोग में कौन सा आसन कारगर है।

बल्ड प्रेशर के मरीज के लिए दस मिनट अनुलोम विलोम और शव आसन और शिथिल आसन करना चाहिए। लो ब्लड प्रेशर के लिए शिथिल आसन को बाईं और हाई बल्ड प्रेशर वालों के लिए शिथिल आसन को दायीं ओर करना चाहिए।

डायबीटिज के मरीजों के लिए कपाल भात्ति का नियम अभ्यासव काफी कारगर साबित होता है। कब्ज के मरीज के लिए अग्निसार प्राणायाम कारगर साबित होता है। आसन हमेशा खाली पेट करना चाहिए। योग शिविर में प्रमोद प्रियदर्शी,उपेंद्र भगत, जवाहर चौधरी,नित्यानंद गुप्ता,देवांशु कुमार देव,आशीष कुमार समेत दर्जनों लोग उपस्थित थे।