लड़कियों से जिस्म का धंधा करवाकर अर्जित की जा रही है अकुत सम्पति !

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सहरसा (संजय सोनी) : नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड सं. 26 स्थित रेड लाईट एरिया में बुधवार को अहले सुबह पुलिस के एक दल ने गुप्त सूचना के आधार पर छापामारी कर चकला मालिक बिनोद कुमार उर्फ कमरूल व पत्नी मंजू देवी उर्फ मनीषा खातुन के घर से देह व्यापार का धंधा करवाने के लिए सालों पूर्व बहला-फुसला कर लायी गयी तीन लड़कियों को बरामद करने में सफलता मिली है। पुलिस ने बरामद लड़कियों के बयान पर मामला दर्ज कर दलालों को जेल भेज दिया है।

दलालों के पास अकुत सम्पति 

रेड लाईट एरिया में बने मकान
रेड लाईट एरिया में बने मकान

इस धंधे से दलालों के पास अकुत सम्पति भी होने की बात कही जाती है। जिसकी जांच होने पर स्पष्ट हो सकेगा। जांच की जाय तो अनैतिक कार्य से अर्जित सम्पत्तियों का भी खुलासा हो सकता है। इसके साथ ही कई सफेदपोशों की भी कलई खुल सकती है। बताया जाता है कि दलाल कमरूल के ससूर भी किशनगंज जिले में चकला चलाने का धंधा करते हैं और इस धंधा के सभी गोरखाधंधा व पेंच से दलाल दम्पत्ति अवगत हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि कमरूल का नेटवर्क कितना तगड़ा है। अनैतिक कार्य से अर्जित अकूत सम्पति से अट्टालिका मकान बना लिया है। कमरुल का पुश्त दर पुश्त इस देह धंधा से जुड़ा रहा है। इसलिए इसके अकूत सम्पति की जाँच के साथ सरकार को जप्त कर लेना चाहिए।सनद रहे की इस एरिया के कुछ लोग शहर के सफेदपोशों के साथ रहकर बैंक से लोन, चार पहिया वाहन आदि खरीदकर सरकारी महकमे में भाड़े पड़ देकर व्हाईट मनी बनाने का खेल भी खेला जा रहा है। बताया जाता है कि पत्रकारों  व पुलिस को भी चकला मालिक से मासिक नजराना तय है और इन दोनों की आड़ में रेडलाइट एरिया उजड़ने के बजाय सजता ही जा रहा है। पत्रकारों  व पुलिस की मिलीभगत से विरान होते जा रही रेडलाइट एरिया अब दिनानुदिन गुलजार ही होते जा रही है।       

महिला आयोग के निर्देश का नहीं कर रही है सहरसा पुलिस अनुपालन 

एक समाजसेवी ने भी राष्ट्रीय महिला आयोग नई दिल्ली को रेड लाईट एरिया में चल रही देह व्यापार मामले की जांच करने का अनुरोध किया था। समाजसेवी के द्वारा अपने शिकायत पत्र में मानव व्यापार निरोधक ईकाई के द्वारा रेड लाईट एरिया में छापामारी नहीं किये जाने की बात कही थी। इस मामले में आयोग के उप सचिव भीभीवी राजू ने अपने केस सं. 8/19748/2015/एनसीडब्लू/एसयू/एनएनजी दिनांक 29 अक्टूबर 2015 को सहरसा एसपी को इस मामले में कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा था। लेकिन सहरसा पुलिस ने आयोग के निर्देश का अनुपालन करना मुनासिब नहीं समझा। पुलिस छापामारी में चकला मालिक के घर से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद हुआ।

(लेखक http://dainikkhabar.in/ के संपादक है )