जिस देश में दुर्गा का पूजन होता है वहां कन्या भ्रूण हत्या भी पाप होता है – साध्वी अदिति भारती

1798

फारबिसगंज/अररिया (हरेन्द्र कुमार) : फारबिसगंज के गोढियारे चौक में बिहार-दिव्य ज्योति जागृत संस्थान द्वारा संचालित सात दिवसीय श्रीमद देवी भागवत कथा व ज्ञान यज्ञ में आशुतोष महाराज जी की शिष्या सुश्री अदिति भारती जी ने बताया की यह एक विडंबना है कि जिस भारत भूमि में हम शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा एवं काली की पूजा श्रद्धा के साथ करते हैं, हर्षोल्लास के साथ पाप पर पुण्य की जीत स्वरूप विजया दशमी मनाते हैं।उसी देश में कन्या भ्रूण हत्या और महिलाओं पर अत्याचार के सर्वाधिक मामले आते रहे हैं,उन्होंने आज के समाज में बढ़ते बलात्कार, बढ़ती अश्लीलता,मानव के मन में काम वासना की बढ़ती विकृतियों की तुलना शुंभ और निशुंभ से की और बताया कि मनुष्य जब नारी को भोग के वस्तु के रूप में देखता है, तब समाज में विकृतियां उत्पन्न होती हैं।बढ़ते हुए नारी उत्पीड़न के मामलों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए साध्वी जी ने कहा कि इनके निवारण हेतु नारी को अपने शक्ति स्वरूप की वास्तविकता से अवगत होना पड़ेगा तथा समाज को भी उसकी ओजस्विता समझनी होगी क्योंकि मां ने ही महिषासुर का वध कर धर्म की स्थापना की थी।

FB_IMG_1465496155528

     साध्वी जी ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा लिंग समानता प्रकल्प का जिक्र करते हुए बताया कि इससे महिलाओं को सशक्त करने और कन्याभ्रूण हत्या जैसी कुरितियों को उखाड़ फेंकने हेतु अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत काम कर रहे लोग स्वामी विवेकानन्द और स्वामी रामतीर्थ की प्रेरणा से अनुप्राणित हैं।

उन्होंने बढ़ती हुई आतंकवाद पर करारा प्रहार करते हुए इसे भी महिषासुर का एक स्वरूप बताया कथा वाचिका ने बताया कि महज शास्त्रों का पठन पाठन ही धर्म नहीं है, अपितु वह आदि शक्ति का ज्ञान है,इस ज्ञान की अभिव्यक्ति से समाज को एक सूत्र में पिरोना और सत्य एवं न्याय के मार्ग पर चलना ही धर्म है। मां दुर्गा ने पाप और विकृति के नाश के लिए असुरों का वध किया था एवं धर्म के मार्ग को प्रशस्त किया था।

पत्रकारों से बातचीत में सुश्री अदिति भारती जी ने क्या कहा पढ़िये:-

     दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के प्रमुख कथा व्यास आशुतोष महाराज जी की विदुषी शिष्या साध्वी अदिति भारती ने फारबिसगंज की धरती को धन्य बताते हुए कहा कि इस भूमि पर साधु संतजनों की कृपा निश्चित तौर पर अभी भी व्याप्त है। तभी तो भागवत जिज्ञासुओं का इतना बड़ा सैलाब प्रतिदिन निष्ठापूर्वक भागवत कथा को एकाग्रता के साथ आत्मसात करने हेतु ज्ञान यज्ञ स्थल पर उपस्थित रहता है। सुश्री अदिति भारती जी ने आध्यात्म के इस विलक्षण गुण के लिए फारबिसगंज वासियों को साधुवाद दिया। विगत दिनों तथाकथित संत महात्माओं के भोग विलास व अन्य स्कैंडल के बारे में पूछे जाने वर साध्वी ने बताया कि कुछ पाखंडी लोग आस्था के नाम पर लोगों को ठगने का काम करते हैं।इसका यह मतलब नही कि समाज में सच्चे गुरू नहीं हैं। कुछ पाखंडी लोग सच्चे गुरुओं की नकल करते हैं और ऐसे पाखंडियों के कारण ही मानव की श्रद्धा टूट जाती है।क्योंकि जहां असल है,वहीं उसका नकल किया जाता है। दरअसल अज्ञानता की माया एक ऐसा आवरण पैदा कर देती है कि
मनुष्य असल और नकल के बीच भ्रमित होकर रह जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण और गौतम बुद्ध पर भी कभी लोगों ने शंका जताई थी।बताया कि सर्वश्री आशुतोष महाराज जी कहते थे कि बाजार में 300 रुपये का नकल नोट नही देखा जा सकता है, क्योंकि इसका असल है ही नहीं। उन्होंने महाराज जी को उद्धृत करते हुए कहा कि जो मानव को अंत:करण में ब्रह्मा का दर्शन करा सके वही सच्चा गुरु है।श्री आशुतोष महाराज जी के समाधि के प्रकरण में साध्वी सुश्री अदिति भारती जी ने बताया कि भारतवर्ष में संत मुनियों द्वारा समाधि में जाने की पुरानी परंपरा रही है। बताया कि महाराज जी ने अपने अनुयाईयों के अंतर्मन में प्रकट होकर समाधि के बारे में बता दिया था।साध्वी ने विश्वास भरे लहजे में बताया कि उनका पुनर्दर्शन होगा और तब दिव्य ज्योति का परचम पूरे विश्व में लहराएगा,साध्वी ने बताया कि मानवों के बीच ब्रह्मा ज्ञान जागृत करने की बीड़ा संस्थान ने उठा रखा है और इसके तहत 350 से अधिक शाखाएं देश भर में कार्यरत हैं।

IMG-20160610-WA0010

   जहां 10 हजार से अधिक शिष्य एवं शिष्याएं जुड़ी हुई हैं इसके अलावा विदेशों में भी कई शाखाएं कार्यरत हैं इसके साथ ही संस्थान द्वारा जनहित में पर्यावरण,ऑरगेनिक फार्मिंग,कामधेनु जैसे 9 प्रकल्पों पर काम किए जा रहे हैं।

मौके पर स्वामी यादवेंद्रानन्द, जयकुमार अग्रवाल, संजीव मल्लिक, शंकर झा,पप्पु फिटकरीवाला,अशोक अग्रवाल,पारस गुप्ता,कुलदीप अग्रवाल,इस कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी हरेन्द्र कुमार एवं अन्य उपस्थित थे।