इबादत,रहमत,त्याग,और समर्पण का प्रतीक है माह ऐ रमजान !

2020

सहरसा (kx)  बिहार प्रदेश लोजपा नेता चांद मंजर इमाम के पहाडपुर बाजार स्थित मुस्लिम मंजिल पर एक दिवसीय भव्य ईफतार पार्टी का आयोजन किया गया | माह ऐ रमजान के इस पवित्र माह में इस्लामिक कैलेंडर का यह पाक-साफ महीना रमजान खिदमत, इबादत,रहमत ,त्याग और समर्पण का प्रतीक है ।रमजान के महीने मे जन्नत के दरवाजे खोल दिये जाते हैं और जो रोजे रखता है उसे ही जन्नत नसीब होती है ।पैगंबर इस्लाम के मुताबिक रमजान महीने का पहला अशरा (दस दिन )रहमत का, दुसरा अशरा मगफिरत का और तीसरा अशरा दोजख से आजादी दिलाने का हैं इस दौरान केवल अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और सेहरी और इफतार का खास खयाल रखना चाहिए ।रमजान के दौरान हर मुस्लिम भाईयो को जकात देना होता है ।जकात का मतलब अल्लाह की राह में अपनी आमदनी से कुछ पैसे निकालकर जरूरतमंदो को देना, रोजा का मतलब बंदिश (मनाही) सिर्फ़ खाने पीने की बंदिश नही है बल्कि हर उस बुराई से दुर रहने की बंदिश हैं जो इस्लाम में मना है |

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कई लोगो ने किया शिरकत :

बिहार प्रदेश लोजपा नेता चांद मंजर इमाम के पहाडपुर बाजार स्थित मुस्लिम मंजिल पर एक दिवसीय भव्य ईफतार पार्टी का आयोजन किया गया जिसमें मौलाना इशितयाक अहमद, समाजसेवी मंजर आलम, एजाज अंजुम, हामिद रजा अशरफ,मो•महशर, मो•जाहिद, अब्दुल समद, अब्दुल अहद,नैयर अंजुम, सिंहेशवर साह, सहित सैकड़ों रोजेदारो ने शिरकत किया ।

इस पाक महीने में होंगे चार जुमा…
इस बार रमजान के पाक महीने में चार जुमा होंगे।  पहली जुमा की नमाज 10 जून, दूसरे जुमे की नमाज 17 जून व तीसरे जुमे की नमाज 24 जून को अदा की जाएगी, जबकि इस पाक महीने की आखिरी जुमा यानी अलविदा जुमे की नमाज एक जुलाई को अदा की जायेगी।