जमीनी मामला :न्यायलय के आदेश पर सीओ,सीआई समेत पांच के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज !

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सहरसा (राकेश कुमार): जिले के सलखुआ थाना क्षेत्र अन्तर्गत बनमा – ईटहरी ओपी के मुरली मौजा की करीब डेढ़ कट्ठा जमीन का गलत ढ़ंग से जमाबंदी रद्द करने के मामले में न्यायलय के आदेश पर सलखुआ थाना में बनमा – इटहरी अंचल के अंचलाधिकारी रणधीर प्रसाद,सीआइ  चितेन्द्र साह,राजस्व कर्मचारी अनिल मिश्र, एवं सोनवर्षा राज निवासी  श्याम बिहारी केडिया व ओम प्रकाश केडिया के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज किया गया है।

नालसी बाद संख्या 3596/2015 के आलोक में सलखुआ थाना कांड संख्या 113/16 दिनांक 10 जुन 2016 दर्ज किया गया है। सहरसा न्यायलय में विजेन्द्र यादव ने परिवाद पत्र दायर किया। दर्ज प्राथमिकी में सूचक बनमा ईटहरी ओपी के रसलपुर गांव निवासी ने कहा है कि उक्त नामजद श्यामबिहारी केडिया एवं ओमप्रकाश केडिया द्वारा साजिस के तहत  सीओ . अंचल निरीक्षक एवं राजस्व कर्मचारी द्वारा पडयंत्र साजिस के तहत मेरा 8.23 डीसमील जमीन का जमाबंदी रद्द करने का आरोप लगाया है।
बनमा इटहरी अंचल के मुरली मौज़ा की करीब डेढ़ कट्ठा जमीन का जमाबंदी गलत ढंग से रद्द कर मृतक के नाम से नया जमाबंदी कायम कर देने के मामले में कोर्ट नलिसी के आधार पर सीओ समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया गया है।
सूचक रसलपुर निवासी विजेन्द्र यादव ने कहा है की उक्त मौजे में करीब डेढ़ कट्ठा जमीन वर्ष 1985 में ही विमल कुमार केडिया से खरीद की थी । जिसका जमाबंदी नंबर 639 हुआ था। बिहार सरकार से अब  तक मेरा मालगुजारी रसीद कटा हुआ है ।ओम प्रकाश केडिया द्वारा वर्ष 2012 में सीओ बनमा को एक आवेदन देकर मेरा जमाबंदी रद्द करने का आवेदन दिया गया था । लेकिन उक्त विवाद सक्षम न्यायालय में टाइटिलशूट चलने के कारण तत्कालिन सीओ ने उक्त आवेदन को निरस्त कर दिया था। लेकिन उपरोक्त सभी नामजदों ने एक साजिश के तहत पूर्व की जमाबंदी 639 को रद्द कर उपरोक्त दो नामजद श्यामबिहारी केडिया एवं ओमप्रकाश केडिया  के  मृत दादा पन्नालाल केडिया के नाम से नया जमाबंदी कायम करवा लिया गया। जिसपर हमने न्याययलय का शरण लेकर न्यायय कि गुहार लगाई।

इस बाबत बनमा ईटहरी सीओ रंधीर प्रसाद से पुछने पर बताया कि जमाबंदी रद्द करने का अंचलाधिकारी का अधिकार ही नहीं है। फिर भी इस मामले का मुझे कोई जानकारी नहीं है।