प्रमुख का ताज-1 : किसके सर सजेगा प्रमुख का ताज, गोलबंदी का खेल शुरू !

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सहरसा:(राकेश कुमार) : सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड में पंचायत चुनाव को लेकर मतगणना होने के बाद पंचायत समिति सदस्यों की तस्वीर साफ हो गई है। कौन किस पंचायत से पंचायत समिति सदस्य बने हैं उनके घर प्रमुख बनने की होड़ में आने वाले प्रत्याशियों का दिनरात दौरा शुरू हो गया है। पंसस को कई तरह के लोभ दिए जा रहे हैं। प्रमुख व उप प्रमुख बनने को ले कई चेहरों की चर्चा होने लगी है। कई खेमा पंचायत समितियों को गोलबंद करने में जुट गये हैं। ज्ञात हो कि प्रखंड में कुल 16 पंचायत समिति सदस्य हैं। प्रमुख या उपप्रमुख बनने के लिए 9 पंचायत समिति सदस्यों की आवश्यकता है।

प्रमुख व उपप्रमुख बनने के दावेदार पंसस को लुभाने में व्यस्त हैं।

प्रखंड प्रमुख पद के लिए अनुसूचित जाती के अन्य पंसस संभालेगें कुर्सी :-

सलखुआ प्रखंड प्रमुख पद के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अनुसूचित जाती के अन्य पंसस हि प्रखंड प्रमुख पद की कुर्सी को संभालेगें । जिले के ग्यारह पंचायत वाले सलखुआ प्रखंड के कुल 16 पंचायत समिति सदस्य है। जबकि निर्वतमान प्रखंड प्रमुख इस बार पंसस पद से चुनाव नहीं लड़े थे। निर्वतमान प्रखंड प्रमुख शांति देवी कोपरिया पंचायत से मुखिया पद पर चुनाव लड़ी थी जो पराजित हो चुकी है। अब देखना है कि अधिकांश नये चेहरे ने पंसस पद पर विजयी हाशिल कर पंचायत की कमान संभालने के लिए तैयार है। सलखुआ प्रखंड प्रमुख पद इस बार आरक्षित रहने से कई पंसस की बोलती ही बंद है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सलखुआ प्रखंड प्रमुख पद पर अनुसूचित जाती के महिला व पुरूष हि प्रमुख की कुर्सी को संभालेगें। वहीं उप प्रमुख कि कुर्सी के लिए समान्य सीट है।

प्रमुख पद को लेकर तोड़ – जोड़ शुरू :-

पंसस पद पर जीते उम्मीदवारों ने अपने अपने स्तर से प्रखंड प्रमुख एवं उप प्रमुख बनने के लिए पंसस से मिलने का काम शुरू कर दिया है। विदित हो कि प्रखंड में पंसस के कुल 16 सदस्य हैं। इनमें दो – तीन  नाम प्रखंड प्रमुख बनने की दौड़ में शामिल होने की चर्चा चल रही है। सदस्यों के साथ साथ उनके समर्थकों प्रखंड प्रमुख  तथा उपप्रमुख के पद आरक्षित हैं या अनारक्षित इसकी जानकारी लेने को व्यग्र दिख रहे हैं। प्रमुख तथा उप प्रमुख बनने के दावेदार इस पद को पाने के लिए हर हथकंडा अपनाने को तैयार हैं। इच्छुक सदस्य नव निर्वाचित सदस्यों के पास चक्कर लगाना शुरू कर चुके हैं। सदस्यों को यह कहते सुना जा रहा है कि अभी शपथ लेने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। शपथ लेने के बाद चुनाव की तिथि की घोषणा होने दिया जाए तब इसके बारे में सोचा जाएगा। इस पद को हथियाने के लिए अभी से चल रही तैयारी से लगता है कि प्रखंड प्रमुख तथा उप प्रमुख बनने के लिए सदस्य हर हथकंडा अपनाने के लिए तैयार हैं। लेकिन चुनाव की तिथि की घोषणा तथा चुनाव होने तक कई रंग देखने को मिल सकते हैं।

तोड़ जोड़ व आर्शिवाद लेने में जुटे है प्रमुख पद के उम्मीदवार :-

दिग्गज सहित अन्य बड़े लोगों का आशीर्वाद किनको मिलेगा यह तो वक्त बताएगा। लेकिन प्रमुख बनने में सबसे बड़ा फैक्टर मनी फैक्टर होगा। लोगों की मानें तो पंसस की खरीद के लिए बोली लगनी भी शुरू हो गई है। इतना ही नहीं भीषण गर्मी के कारण पंचायत समिति सदस्यों को परोशी देश नेपाल व विराटनगर के बदले ठंड मौसम वाले हिलस्टशन दार्जिलिंग ले जाने की तैयारी भी जारी है। चुनाव में मतदाताओं का दरबारी करते थक चुके नये पंसस के थकान मिटाने की तैयारी अंदरखाने चल रही है।