कोशी उफान पर: उत्तर बिहार के लोगो पर गहराया संकट का बादल !

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सहरसा (महेंद्र प्रसाद) :  कोसी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी जारी है. वहीं डुमरी घाट पर नौका परिचालन दिनोंदिन कठिन होते जा रहा है. कभी भी बड़ी दुर्घटना यहां घट सकती है. मालूम हो कि 3 जून को डुमरी घाट पर कोसी नदी में दो नौकाओं की टक्कर में एक बालक लापता हो गया जिसका अता-पता अब तक नहीं चल पाया है.इधर, 9 जून, गुरुवार को भी दो नौकाओं में टक्कर हो गई. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, परंतु स्थानीय लोग इन घटनाओं के बाद भायाक्रांत हैं. उनमें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी नाराजगी है. मालूम हो कि कोसी-बागमती के संगम डुमरी घाट पर नौका पुल के बंद होने बाद से कोशी सहित उत्तर बिहार के कई जिले का सड़क संपर्क भंग है.

उफनती कोसी नदी (फाइल फोटो)
उफनती कोसी नदी (फाइल फोटो)

इनके आने-जाने का एकमात्र साधन नौका की ही सवारी है. वहीं अब तक यहां एएनएच विभाग की ओर से मात्र चार बड़ी निश्शुल्क नौकाओं का ही प्रबंधन किया गया है. जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार दस नौकाओं के परिचालन बाद ही यात्रियों की परेशानी कुछ हद तक दूर होगी. ऐसे में स्थानीय लोग जान खतरे में डालकर निजी नौकाओं (जिनमें कई मानक के अनुरूप नहीं है.) से कोसी-बागमती पार करने को विवश है.

डुमरी अस्थाई नाव पुल (फाइल फोटो)
डुमरी अस्थाई नाव पुल (फाइल फोटो)

इधर एक सप्ताह के अंदर डुमरी घाट पर दो बार नौका दुर्घटना घट चुकी है.

हालांकि गुरुवार को हुई दो नौकाओं की टक्कर में जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई. कोसी नदी से स्थानीय नाविकों ने जान जोखिम में डाल बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद कर लिया. लेकिन, एक सप्ताह के अंदर दो नौका दुर्घटना घटने बाद से लोग भयभीत जरूर हैं. वे भगवान का नाम लेकर नदी में उतरते हैं