विधायक ने लोक शिकायत निवारण कार्यालय का किया शुभारम्भ !

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सहरसा(ब्रजेश भारती): सुबे में रविवार से लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम लागू हो गया है। इसी क्रम में सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल में भी विधायक दिनेश चन्द्र यादव ने लोक शिकायत निवारण कार्यालय का शुभारंभ रविवार को किया।अनुमंडलाधिकारी सुमन प्रसाद साह कि अध्यक्षता में आयोजित कार्य क्रम में पूर्व विधायक अरूण यादव,जदयू नेता अंजूम हुसैन,रेवती रमण सिह सहित कई लोग सामिल थे।इस अवसर पर आयोजित सभी को संबोधित करते हुऐ विधायक दिनेश चन्द्र यादव ने कहना कि आम जनता की समस्याओं की अनदेखी या किसी भी स्तर पर लापरवाही सूबे के अधिकारियों को अब महंगी पड़ेगी। तय समय के भीतर अगर समस्याओं का निपटारा नहीं किया गया तो संबंधित लोक सेवकों को दंडित भी किया जाएगा इस कानुन के तहत जुर्माना से लेकर बर्खास्तगी तक की कार्रवाई हो सकती है। दोषी पाए जाने पर पांच सौ से लेकर पांच हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है।जुर्माने की राशि की वसूली दोषी लोक सेवकों के अगले वेतन से होगी, जिसे सरकारी खाते में जमा किया जाएगा। उन्होने रहा कि लोक शिकायत निवारण पदाधिकारियों को भी पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। प्रदेश में रविवार से लागू होने वाले लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के जरिए राज्य में शासन व्यवस्था को अधिक से अधिक जिम्मेवार बनाने की पहल की गई है।अधिनियम के मुताबिक किसी भी स्तर पर सुनवाई के लिए अफसरों के लिए अधिकतम समय सीमा 60 दिन निर्धारित है। शिकायतों का निपटारा इसके अंदर ही करना होगा। एसडीओ सुमन प्रसाद साह ने जानकारी देते हुये रहा कि जनसाधारण की परेशानियों का ख्याल रखते हुए शिकायत दर्ज कराने, रजिस्ट्रेशन एवं सुनवाई के लिए राज्यव्यापी नेटवर्क तैयार किया गया है। लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के फैसले से असंतुष्ट आवेदकों को तीस दिनों के भीतर अगले प्राधिकार में अपील करने का अधिकार दिया गया है। विशेष परिस्थितियों में उसे 15 दिन की मोहलत और मिल सकती है। इसके लिए राज्य पोर्टल, कॉल सेंटर व सेवा केंद्र को भी माध्यम बनाया जाएगा। सूचना मिलते ही उस केंद्र का प्रभारी मामले को तुरंत संबंधित लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी तक पहुंचाऐंगे।

इस अवसर पर अंचलाधिकारी धमेन्द्र पंडित,संजय महतो,रणधीर कुमारी,मुखिया ललन कुमारी,ब्रजेश यादव आदि मौजुद थे।

क्या है लोक शिकायत निवारण अधिनियम:-शिकायतों के निपटारे के लिए तीन स्तर पर काउंटर

  • अनुमंडल स्तर का केंद्र : अनुमंडल स्तर एवं इसके नीचे के सभी लोक प्राधिकारों से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई।
  • जिला स्तर का केंद्र : जिला या इससे नीचे की शिकायतों की सुनवाई की व्यवस्था किंतु यहां अनुमंडल से नीचे के परिवाद नहीं आएंगे।
  • विभागीय स्तर का केंद्र : यहां जिला स्तर से ऊपर के लोक प्राधिकारों से संबंधित शिकायतों पर सुनवाई होगी।