हल्दीघाटी की लड़ाई आज़ादी और स्वाभिमान का संघर्ष था – चेतन आनंद

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हम (से०) के छात्र राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन आनंद (फोटो -फाइल )

सहरसा:वह देश मर जाता है जो अपने महापुरुषो को भुल जाता है |हल्दीघाटी की लड़ाई दिल्ली की साम्राज्यवादी लिप्सा और मेवाड़ की आज़ादी और स्वाभिमान का संघर्ष था जिसमे अकबर की हार और महाराणा प्रताप की जीत हुई |प्रताप हमे स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीने का सन्देश देते है |

उक्त बातें छात्र ‘हम’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और ‘फ्रेंड्स ऑफ़ आनन्द’ के संयोजक चेतन आनन्द ने रविवार को सोनवर्षा राज प्रखंड के ज्म्हरा उच्च विधालय और मंगवार जीवछ मंदिर परिसर में आयोजित जन सभा को सम्बोधित करते करते हुए कहा |श्री चेतन ने आगे कहा की चाहे इसके बदले जंगलों की खाक ही क्यों न छानना पड़े,असीम कष्टों को ही क्यों न वरण करना पड़े | वे आगामी 19 जुन को सहरसा M.L.T. College मैदान में प्रस्तावित महराणा प्रताप,भामा साह, हकीम खान सूरी,भील राणा पूंजा और झाला सरदार की संयुक्त “विराट स्मृति सभा” और “शोभा यात्रा” की अभूतपूर्व सफलता की तैयारी में यहाँ पहुचे थे| छात्र ‘हम’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष चेतन आनन्द ने अभियान की शुरुआत अपने ननिहाल के इलाके की|इस सभा में हम(से) के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री कुलानन्द यादव ‘अकेला’ ,प्रांतीय सचिव श्री ध्यानी यादव , अनीता कुशवाहा, नवनिर्वाचित जिला पार्षद रजनीबाला और जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष श्री रितेश रंजन, कपसिया के पूर्व मुखिया प्रभाकर सिंह, पूर्व प्राचार्य श्री गोपाल झा ,पूर्व शिक्षक श्री सत्यनारायण सिंह , मंगवार के पूर्व मुखिया शिवेन्द्र कुमार सिंह, नवनिर्वाचित मुखिया विकास कुमार सिंह, सरपंच यशोधर मंडल, पंसस चन्दन कुमार सिंह, अतलखा पंसस मनोज कुमार, रखौता पंसस सुलेखा यादव ,बिजली यादव, भीषण यादव सहित अन्य साथ थे |स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है ।