आखिर क्यों एक बीडीओ पद छोड़ने की बात कह रहे है?

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मधेपुरा/चौसा(संजय कुमार सुमन ) : प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी चौसा को एक पुलिस कर्मी द्वारा गाली गलौज करने एवं धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है। घटना की जानकारी जिला पदाधिकारी को लिखित रूप से भी दी गई है।

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बताया जाता है कि बीते 26 मई को चौसा में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चुनाव ड्यूटी करने आए मधेपुरा के पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार ने चौसा के प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी मिथिलेश बिहारी वर्मा से गाड़ी का इंधन मांगने को लेकर तू-तू-मैं-मैं हो गई। मामला उस समय गंभीर हो गया जब पुलिस निरीक्षक आपा खो बैठे और बीडीओ के साथ असंवैधानिक बात कह बैठे। बीडीओ श्री वर्मा ने जिला पदाधिकारी को एक लिखित आवेदन देकर कहा कि बीते दिन चुनाव के दिन पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार मेरे वेश्म में आकर अपने गाड़ी का इंधन मांगा। मैंने कहा कि सभी गाड़ी में कल ही तेल दिया जा चुका है। पुलिस निरीक्षक ने कहा कि मैंने तेल नहीं लिया है। इस पर जब उन्हे यह कहा गया कि प्रधान लिपिक खाना खाने गये हैं उन्हें आने दीजिए तेल मिल जाऐगा। बस इसी बात पर पुलिस निरीक्षक ने भद्दी-भद्दी गाली देने लगे और कई प्रकार की धमकी दे डाले।

बीडीओ मिथिलेश बिहारी वर्मा ने कहा की यदि मधेपुरा इंस्पेक्टर मनीष कुमार पर कार्रवाई नही हुई तो मैं अपने पद से त्यागपत्र दे दूँगा।

वही इन्स्पेक्टर मनीष कुमार ने कहा की मुझ पर जो आरोप लगाया जा रहा है वह वेवुनियाद है। मालूम हो की गाड़ी में तेल लेने की बात पर गाली-गलौज का आरोप बीडीओ ने लिखित तौर पर डीएम को दिया था।
जिलाधिकारी को प्रेषित आवेदन में बीडीओ श्री वर्मा ने दोषी पुलिस कर्मी के विरूद्ध न्यायपूर्ण कार्रवाई करने की मांग की है।