अतिक्रमण विवाद मामले को लेकर संघर्ष समिति गठित !

सहरसा/सिमरी बख्तियारपु (ब्रजेश भारती) :
सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का शोन्द्रयेकरण के नाम पर 60 वर्षो से दुकान खोलकर जीवन यापन कर रहे सैकड़ो लोगो को हटाना राजनिती से प्रेरित है यह हमलोग मरने दमतक नही होने देंगे। रेलवे के द्वारा अतिक्रमण हटाने एवं व्यवसायी के द्वारा विरोध किये जाने का गतिरोध बना हुआ है। इसी बीच रेलवे के जमीन में दुकान कर रहे व्यवसायी के द्वारा एक कमिटि का गठन किया गया है। निवर्तमान जिला पार्षद रितेष रंजन के नेतृत्व में रविवार देर शाम एक बैठक आयोजित कर वर्तमान समस्या को लेकर कई तरह के चर्चा कि गयी। बैठक में सभी व्यवसायी ने एक स्वर में कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर रेलवे किसी का दुकान नही तोड सकती है। इनके लिये अगर हमलोगो को संघर्ष करना होगा हमलोग जान की बाजी लगा देंगे पर जमीन अतिक्रमण के नाम पर खाली नही करेगें। सभी व्यवसायी ने एक स्वर में कहा कि हमलोग रेल एवं स्टेशन का विकास चाहते है। रेलवे की काफी खाली जमीन है। रेलवे उनका प्रयोग क्यो नही करता है। जो गरीब लोग 60 वर्षो से बसा है उसे उजार कर कौन सा सोन्द्रर्यकरण का काम कहां का इन्साफ है।
व्यवसाईयो ने कमिटि का किया गठन- संघर्ष समिति में सक्रिय सदस्यो मे सर्वसम्मति से जिला परिषद उपाध्यक्ष रितेष रंजन महासचिव,अध्यक्ष विजय कुमार उर्फ भीएस, अरूण गुप्ता कोषाध्यक्ष, विवके भगत उपमहासचिव, रमेश कुषवाहा व संजय भगत संगठन सचिव, विन्देष्वरी प्रसाद भगत, विवेक कुमार,विजय कुमार कानुनी सलाहकार, अजय कुमार व सोनु कुमार को मिडिया प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावे पांच लोगों को उपाध्यक्ष क्रमश: पूरन यादव, अषोक जयसवाल, पुषेनद्र गुप्ता, अरविंद सिंह, मनोज भगत बनाया गया है। सचिव मो परवेज आलम, राजकुमार साहा, अरूण भगत, चार उपसचिव में सजय भगत, पिन्टु भगत, मो जहांगीर आलम, युगेष्वर साह, को बनाया गया है।
कई प्रस्ताव हुआ पारित- बैठक में कई प्रस्ताव पास किया गया जिनमें प्रमुख है रेलवे को सौन्दर्यकरण के लिये जो जमीन चाहिए तो दुर्गास्थान के पूर्वी दीवार के किनारा को पूर्वी सीमान मानकर वहां से अतिक्रमण मुक्त कराया जाये। रेलवे प्रार्किंग जाने का रास्ता रेलवे परिसर की तरफ हो। जिन जमीन वालो को रसीद नही है उन्हे रसीद दिया जायें। बार बार रेलवे अतिक्रमण के नाम पर गरीब लोगो को तबाह एवं परेशान नही किया जाये।